Owaisi On UCC Bill: ‘मुसलमानों पर थोपा जा रहा हिंदू कानून’… समान नागरिक संहिता पर ओवैसी के सख्त तेवर, मोदी सरकार पर भड़के AIMIM चीफ

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'मुसलमानों पर थोपा जा रहा हिंदू कानून'... समान नागरिक संहिता पर ओवैसी के सख्त तेवर, AIMIM chief Asaduddin Owaisi on UCC Bill

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 04:56 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 05:20 PM IST

Owaisi On UCC Bill. Image Source- ANI Video Grab

अहमदाबादः Owaisi On UCC Bill: देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर एक बार फिर सियासत गर्म हो गई है। शनिवार को अहमदाबाद पहुंचे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कानून को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार उन संवैधानिक कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं, जो हमारे धर्म को मानने की आज़ादी की गारंटी देते हैं और मुसलमानों पर हिंदू सक्सेशन एक्ट थोप रहे हैं। तलाक के लिए एडल्टरी के सबूत की ज़रूरत, कोर्ट का दबाव, खास हालात ये सब हिंदू धर्म का हिस्सा हैं, इन्हें मुसलमानों पर क्यों थोपा जा रहा है

ओवैसी ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 यानी जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। ओवैसी के मुताबिक, मुसलमानों का अपना एक अलग विश्वास और उसूल हैं और इस तरह का कोई भी कानून निकाह जैसे पवित्र रिश्ते की गरिमा को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने दावा किया कि नए कानून में गुजारा भत्ता, एलिमनी और संपत्ति के बंटवारे के जो नियम रखे जा रहे हैं, वे पूरी तरह से हिंदू पर्सनल लॉ से प्रेरित हैं। यूसीसी कानून में लिव-इन रिलेशनशिप को अनिवार्य रूप से पंजीकृत करने के प्रावधान पर भी ओवैसी ने भाजपा और आरएसएस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो संगठन भारतीय संस्कृति और संस्कारों की दुहाई देते नहीं थकते, वे अब लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देने पर चुप क्यों हैं?

UCC कानून लाने वाला देश का दूसरा राज्य बना गुजरात

Owaisi On UCC Bill: बता दें कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के बाद गुजरात देश का दूसरा राज्य बन गया है। जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को विधानसभा से पास करवा लिया है। बीतें दिनों खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस विधेयक को सदन में रखा, जिसे कांग्रेस के विरोध के बाद विधानसभा ने सात घंटे की चर्चा के बाद पास कर दिया। गुजरात के यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक और इसके प्रावधान कानून बनने के बाद भी अनुसूचित जनजातियों (STs) के सदस्यों पर लागू नहीं होंगे। बिल में आदिवासी समुदाय को बाहर रखा गया है। यूसीसी विधेयक में कहा गया है कि शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। नियम न मानने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। जब UCC बिल कानून बन जाएगा, तो ‘गुजरात रजिस्ट्रेशन ऑफ़ मैरिजेस एक्ट, 2006’ रद्द हो जाएगा। लिव-इन संबंधों और उनके खत्म होने का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लिव-इन संबंध से पैदा हुआ बच्चा वैध माना जाएगा और ऐसे संबंध में छोड़ी गई महिला भरण-पोषण का दावा कर सकती है।

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