अकाल तख्त ने शिअद नेता वल्टोहा, जीएनडीयू के कुलपति को ‘तनखैया’ घोषित किया

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अकाल तख्त ने शिअद नेता वल्टोहा, जीएनडीयू के कुलपति को ‘तनखैया’ घोषित किया

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  • Publish Date - December 8, 2025 / 11:16 PM IST,
    Updated On - December 8, 2025 / 11:16 PM IST

अमृतसर, आठ दिसंबर (भाषा) अकाल तख्त ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा, अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह और जीएनडीयू के कुलपति करमजीत सिंह को सोमवार को ‘तनखैया’ घोषित किया।

यह घोषणा अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पांच ‘सिंह साहिबान’ की बैठक के बाद की गई।

बैठक की अध्यक्षता सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने की।

इसमें तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, सचखंड श्री हरमंदर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के प्रमुख ग्रंथी ज्ञानी जोगिंदर सिंह और अकाल तख्त साहिब के पंज प्यारे ज्ञानी मंगल सिंह शामिल हुए।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, शिअद नेता विरसा सिंह वल्टोहा, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) के कुलपति डॉ. करमजीत सिंह, भाषा विभाग पंजाब के निदेशक जसवंत सिंह और निरवैर खालसा जत्था ब्रिटेन के सिख उपदेशक भाई हरिंदर सिंह तख्त के सामने पेश हुए।

बयान के अनुसार, इन सभी ने अपनी “गलतियां” स्वीकार कीं और माफी मांगी, जिसके बाद ‘पंथिक’ परंपरा और ‘मर्यादा’ के अनुरूप, पांचों सिंह साहिबान ने धार्मिक सजा तय की।

भाषा पारुल प्रशांत

प्रशांत