संभावित उग्रवादी हमले को लेकर पर्वतीय जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता : मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार

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संभावित उग्रवादी हमले को लेकर पर्वतीय जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता : मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार

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  • Publish Date - September 20, 2024 / 08:55 PM IST,
    Updated On - September 20, 2024 / 08:55 PM IST

इम्फाल, 20 सितंबर (भाषा) मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सीमावर्ती गांवों में उग्रवादियों के हिंसा करने की संभावना के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने कई उपाय किये हैं।

सिंह ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से इन उग्रवादियों की गतिविधियों की खबरें आ रही थीं।

उन्होंने संकेत दिया कि हमले 28 सितंबर के आसपास किसी भी दिन होने की आशंका है। सिंह ने कहा कि ‘‘सरकार ने ऐसे किसी भी हमले का मुकाबला करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को साझा करना जरूरी समझा है।’’

सिंह ने कहा कि 18 सितंबर को मुख्य सचिव के सम्मेलन कक्ष में रणनीतिक संचालन समूह (एसओजी) की बैठक हुई, जहां ‘‘हमने ड्रोन और रॉकेट हमलों से पूरी ताकत से निपटने पर विचार-विमर्श किया।’’

उन्होंने बताया कि दूरदराज के इलाकों में योजनाबद्ध उपायों की जानकारी दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी उग्रवादी गतिविधि को ‘‘शुरुआत में ही खत्म कर दिया जाए’’ तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा की गई है।

सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि यदि 30 या उससे अधिक उग्रवादियों के समूह की गतिविधियों का पता चलता है, तो तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, उखरुल, कामजोंग और फेरजावल जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

सिंह ने कहा, ‘‘जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 468 बंकर नष्ट किए जा चुके हैं। हम असम राइफल्स और सेना के साथ मिलकर ड्रोन रोधी उपाय कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने भी कुछ ड्रोन रोधी हथियार प्रणालियां तैनात की हैं।

भाषा सुभाष माधव

माधव