मुंबई, 25 जुलाई (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को नरेन्द्र मोदी सरकार से इस्तीफा देने के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष के नेताओं ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की तारीफ की।
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉजपा की ओर से परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा क्षेत्र में गड़बड़ियों के खिलाफ जो विरोध प्रदर्शन हो रहा था, वह प्रधान के इस्तीफे पर ही केंद्रित था।
कांग्रेस की मुंबई इकाई के प्रमुख और लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड़ ने शनिवार को ‘एक्स’ पर एक वीडियो में कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है। जब भी युवाओं ने किसी मुद्दे को अपने हाथ में लिया है, उन्हें हमेशा जीत मिली है। देश ने पहले भी ऐसा देखा है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है। हम सभी ने प्रधान के इस्तीफे के लिए युवाओं की लड़ाई देखी है।”
उन्होंने युवाओं से इस जीत का जश्न मनाने के लिए मुंबई के बांद्रा में एकत्र होने की अपील की।
वर्षा ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और संविधान की रक्षा करने के लिए थी।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने भी इस्तीफे का श्रेय युवाओं को दिया।
उन्होंने कहा कि युवाओं ने एक जबरदस्त आंदोलन चलाया और ‘‘दबाने वाली ताकतों’’ के सामने झुकने से इनकार कर दिया।
देशपांडे ने कहा, “मैं उन युवाओं को बधाई देता हूं जिन्होंने अपनी एकता और ताकत का प्रदर्शन करके सरकार को चुनौती दी। उन्होंने भारत में एक और हिटलर के पैदा होने की संभावना को रोक दिया।”
पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी आंदोलन की अगुवाई करने और जीत हासिल करने के लिए युवाओं की तारीफ की।
उन्होंने कहा, “शिक्षा की गलत नीतियों का असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा था। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि युवाओं पर लाठीचार्ज की कोई जरूरत नहीं थी। युवाओं ने जिस तरह से केंद्र सरकार और तंत्र का मजाक उड़ाया, वह अनोखा था।”
आव्हाड ने कहा कि जब देश में इस तरह का आंदोलन होता है, तो उससे हमेशा बड़ा बदलाव आता है।
विधायक ने कहा, “युवाओं ने ही इस पूरे आंदोलन की अगुवाई की और वे जीते।”
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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