जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश

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जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 12:47 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 12:47 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) सरकार ने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी कानून में संशोधन करने के प्रावधान वाले विधेयक बुधवार को लोकसभा में किया।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।

विपक्षी सदस्य प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

संसदीय प्रक्रिया के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधेयक को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए विपक्ष के कुछ सदस्यों के नाम पुकारे। हालांकि, कोई विपक्ष सदस्य नहीं बोला और इसके बाद नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया।

बीते 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दी थी। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 13(3) में और संशोधन करना है, ताकि विलंब से होने वाले पंजीकरण के प्रावधानों को और अधिक कड़ा बनाया जा सके।

मौजूदा प्रावधानों के तहत यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अथवा किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है।

विधेयक में देरी की अवधि के आधार पर दो-स्तरीय मंजूरी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

भाषा हक हक वैभव

वैभव