वनतारा में वन्यजीव मानदंडों के उल्लंघन के आरोप वाली एक और जनहित याचिका खारिज

वनतारा में वन्यजीव मानदंडों के उल्लंघन के आरोप वाली एक और जनहित याचिका खारिज

वनतारा में वन्यजीव मानदंडों के उल्लंघन के आरोप वाली एक और जनहित याचिका खारिज
Modified Date: March 19, 2026 / 09:46 pm IST
Published Date: March 19, 2026 9:46 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के जामनगर स्थित प्राणी संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा द्वारा लुप्तप्राय प्रजातियों के मामले में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव मानदंडों के उल्लंघन के आरोप वाली एक और याचिका खारिज कर दी है।

न्यायालय ने पिछले साल भी इसी तरह की एक जनहित याचिका खारिज कर दी थी और यह कहा था कि ‘कानून का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।’ इसके साथ ही न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली विशेष जांच टीम द्वारा वनतारा को दी गई क्लीन चिट को स्वीकार कर लिया था।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने हाल ही में करणार्थम विरामह फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया।

याचिका में केंद्र सरकार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और अन्य को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे वनतारा और इसके राधा कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट को 2019 से दी गई अनुमतियों, मान्यता और आयात/निर्यात लाइसेंस से संबंधित संपूर्ण रिकॉर्ड सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।

पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर न्यायालय ने पिछले वर्ष दायर एक याचिका में पहले ही विचार किया है।

भाषा अविनाश सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में