चंडीगढ़, 26 सितंबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को अपने आवास पर संशोधित बेअदबी रोधी कानून की समीक्षा के लिए गठित की गई सात सदस्यीय समन्वय समिति की बैठक करेंगे।
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अपराह्न एक बजे होने वाली इस बैठक में समिति ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ के प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगी। इसका उद्देश्य सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति ‘सत्कार’ (सम्मान) के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखना है। बैठक में समन्वय समिति के सभी सदस्य शामिल होंगे।
सात सदस्यीय समिति में अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह, पूर्व न्यायमूर्ति जसविंदर सिंह व पूर्व न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह, पूर्व आईपीएस अधिकारी जतिंदर सिंह औलख तथा अधिवक्ता प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।
संशोधन विधेयक को पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल को सर्वसम्मति से पारित किया था। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें आजीवन कारावास और पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
अकाल तख्त ने हालांकि इस कानून पर कई आपत्तियां जताई हैं। 29 जून को अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह एक महीने के भीतर बेअदबी रोधी कानून से जुड़ी आपत्तियों का समाधान करे।
भाषा अमित प्रशांत
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