अगले सप्ताह लगभग 40 लाख लाभार्थियों में से प्रत्येक को 9,000 रुपये मिलेंगे: मुख्यमंत्री हिमंत

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अगले सप्ताह लगभग 40 लाख लाभार्थियों में से प्रत्येक को 9,000 रुपये मिलेंगे: मुख्यमंत्री हिमंत

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 02:47 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 02:47 PM IST

गुवाहाटी, आठ मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने महिला सशक्तीकरण को असम के विकास की कुंजी बताते हुए रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कहा कि लगभग 40 लाख ‘ओरुनोदोई’ लाभार्थियों को अगले सप्ताह नौ-नौ हजार रुपये मिलेंगे।

उन्होंने दावा किया कि चार महीनों के अनुदान के साथ-साथ अतिरिक्त राशि का समेकित भुगतान मंगलवार को किया जाएगा, जो किसी सरकारी योजना के तहत एक ही दिन में 3,600 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बैंक अंतरण के बराबर है।

महिला लाभार्थियों को एक ही दिन में यह राशि ऐसे समय में दी जा रही है, जब राज्य में विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों में होने वाला हैं। इस चुनाव में भाजपा नीत सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता अपने पास बरकरार रखना चाहती है।

शर्मा ने ‘फेसबुक लाइव’ में कहा, “10 मार्च को पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे, ओरुनोदोई योजना के तहत लाभान्वित होने वाले 40 लाख परिवारों में से प्रत्येक परिवार को 9,000 रुपये मिलेंगे।”

ओरुनोदोई वर्तमान सरकार की एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना है, जिसके तहत पात्र महिला लाभार्थियों को प्रति माह 1,250 रुपये प्राप्त होते हैं।

इस अवसर पर, राज्य भर में स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी और मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों को इनमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

उन्होंने कहा कि जनता का सहयोग ही सरकार की ताकत है। शर्मा ने दावा किया, “एक ही दिन में लाभार्थियों को 3,600 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे, जो एक रिकॉर्ड होगा।”

उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि इस वर्ष जनवरी से शुरू होने वाले चार महीनों की राशि समेत मध्य अप्रैल में मनाए जाने वाले असमिया नव वर्ष बोहाग बिहू के लिए प्रदान की जाने वाली अतिरिक्त राशि भी मार्च में एक साथ दे दी जाएगी।

शर्मा ने महिलाओं के विकास पर अपनी सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “महिलाओं का सशक्तीकरण असम के विकास की कुंजी रहा है। आर्थिक सुरक्षा से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और उद्यमिता तक, हमारी पहल लाखों महिलाओं को आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने में मदद कर रही हैं।”

उन्होंने कहा, “आज हम असम की नारी शक्ति की क्षमता और भावना का सम्मान करते हैं।”

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष