गुवाहाटी, 12 अगस्त (भाषा) असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राज्य में बार-बार आने वाली बाढ़ और नदी कटाव के संकट को ‘राष्ट्रीय समस्या’ घोषित करने का बुधवार को आग्रह किया।
एपीसीसी के राहत एवं पुनर्वास विभाग के अध्यक्ष प्रांजीत दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की और इस संबंध में उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
असम में बुधवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ। चार जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 87,000 रह गई, लेकिन दो और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 103 हो गई।
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि असम के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा, यानी 31.05 लाख हेक्टेयर भूमि, बाढ़ की चपेट में आने की आशंका वाला क्षेत्र है, जो राष्ट्रीय औसत 10.2 प्रतिशत से काफी अधिक है।
इसमें कहा गया है कि इस संकट के कारण किसानों, दिहाड़ी मजदूरों और चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हुई है और अनगिनत परिवार विस्थापित हो गये।
पार्टी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस बार-बार होने वाली समस्या का समाधान खोजने के लिए केंद्र और राज्य के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा प्रभावित लोगों के प्रतिनिधियों को शामिल करके एक उच्चस्तरीय कार्यबल का गठन किया जाए।
भाषा देवेंद्र अमित
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