नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आंदोलन को समाप्त किए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को घोषणा की कि उनके अभियान का ‘‘सीजन-2’’ (दूसरा चरण) जल्द शुरू होगा।
दीपके ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे कॉजपा प्रदर्शनकारियों पर 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें संसद में माफी मांगनी चाहिए।
अमित शाह पर निशाना साधते हुए दीपके ने कहा, ‘अमित शाह संसद से क्यों भाग रहे हैं? उन्हें आना चाहिए और 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज के लिए संसद में माफी मांगनी चाहिए। उनके निर्देश पर पेलेट गन चलाई गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए। वह अब संसद से क्यों भाग रहे हैं?’
दिल्ली के नारायणा में एक खुली सभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि जिस सभागार में उनकी बैठक होनी तय थी, उसकी बुकिंग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दबाव में ‘‘रद्द’’ कर दी गई।
दीपके ने कहा, ‘यह ‘सीजन 2′ की शुरुआत है। इंस्टाग्राम पर कई लोग पूछ रहे थे कि दूसरा चरण कब शुरू होगा। जंतर-मंतर पर सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है।’
उन्होंने कहा कि कॉजपा की कार्यकर्ता बैठक को रोकने की कोशिशों ने संगठन को एकजुट होने का एक और मंच दे दिया है।
दीपके ने कहा, ‘वे जितना हमारे खिलाफ जाएंगे, यह उतना ही हमारे पक्ष में काम करेगा। वे समझ ही नहीं पा रहे हैं कि हमसे कैसे निपटा जाए। उन्होंने सोचा था कि अगर वे जंतर-मंतर पर पानी और खाना बंद कर देंगे तो हम वापस चले जाएंगे… लेकिन हम पीछे नहीं हटे।’
उन्होंने कहा, ‘आज भी उन्होंने सोचा कि अगर वे सभागार के मालिकों को धमकाएंगे तो हम बैठक नहीं कर पाएंगे। लेकिन अब यह बंद कमरे की बैठक एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बदल गई है। मुझे लगता है कि वे हर जगह जंतर-मंतर ही बनाना चाहते हैं।’
कॉजपा ने सरकार के साथ बातचीत के बाद 25 जुलाई को अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया था। नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर उसका आंदोलन 36 दिनों तक चला था, जिसे विपक्षी नेताओं के अलावा देशभर के छात्रों और युवाओं का समर्थन मिला था।
झारखंड में जारी प्रदर्शन और ग्रामीण शिक्षा अभियान का ज़िक्र करते हुए दीपके ने कहा, ‘रांची में प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र महतो कर रहे हैं, जो अनशन पर बैठे हैं और हमारे कार्यकर्ता उनका समर्थन कर रहे हैं। आज की बैठक का उद्देश्य झारखंड आंदोलन को मजबूत करने की रणनीति बनाना और गांवों में स्कूलों के लिए अपने अभियान को आगे बढ़ाना था।’
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