असम : हरित अधिकरण ने नलबाड़ी में ईंट भट्ठा और ‘स्टोन क्रशर’ के संचालन पर लगाई रोक

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असम : हरित अधिकरण ने नलबाड़ी में ईंट भट्ठा और ‘स्टोन क्रशर’ के संचालन पर लगाई रोक

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 01:30 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 01:30 PM IST

गुवाहाटी, 27 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने असम के नलबाड़ी जिले में एक ईंट भट्ठे और एक ‘स्टोन क्रशर’ इकाई के अनिवार्य वैधानिक अनुमति प्राप्त करने तथा पर्यावरणीय मानकों का पालन करने तक संचालन पर रोक लगा दी है।

यह आदेश हाल में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की अगुवाई वाली पीठ ने पारित किया।

अधिकरण की कोलकाता पीठ ने निर्देश दिया कि नलबाड़ी जिले के चेंगनोई स्थित ‘जेपीआईएस ब्रिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ और ‘पीएएसए स्टोन क्रशर यूनिट’ संचालित नहीं होंगी, जब तक कि वे असम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एएसपीसीबी) से संचालन की वैध सहमति सहित सभी आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं कर लेतीं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और एएसपीसीबी द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का भी उन्हें पूर्ण रूप से पालन करना होगा।

‘स्टोन क्रशर’ एक ऐसी मशीन है, जिसका उपयोग बड़े पत्थरों को तोड़कर बजरी बनाने के लिए किया जाता है।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया गया था कि प्रस्तावित ईंट भट्ठा और ‘स्टोन क्रशर’ पागलडिया नदी के किनारे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करते हुए स्थापित किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इससे नदी के पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय जैव विविधता, जनस्वास्थ्य और क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

संयुक्त समिति, एएसपीसीबी और जिला प्रशासन की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अधिकरण ने पाया कि निरीक्षण के समय दोनों इकाइयां संचालित नहीं हो रही थीं।

पीठ ने इस बात पर भी गौर किया कि इस ईंट भट्ठे को दी गई मंजूरी असम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले ही वापस ले चुका है।

अधिकरण ने एएसपीसीबी को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया कि दोनों इकाइयां निर्धारित मानकों, पर्यावरणीय दिशानिर्देशों तथा वैधानिक अनुमति से जुड़ी सभी शर्तों का पालन कर रही हैं या नहीं।

भाषा खारी सुभाष

सुभाष