असम की टीम ने कोलकाता स्थित भूपेन हजारिका के आवास का दौरा किया, संरक्षित करने की पहल

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असम की टीम ने कोलकाता स्थित भूपेन हजारिका के आवास का दौरा किया, संरक्षित करने की पहल

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 07:38 PM IST

कोलकाता, छह सितंबर (भाषा) असम सरकार की एक टीम ने रविवार को कोलकाता में उस इमारत का निरीक्षण किया, जहां ‘भारत रत्न’ से सम्मानित गायक भूपेन हजारिका कई वर्षों तक रहे थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि टीम ने हजारिका की स्मृति को जीवित रखने के लिए संपत्ति के एक हिस्से को संरक्षित करने के लिए पश्चिम बंगाल प्रशासन के साथ समन्वय में उठाए जाने वाले कदमों पर विचार किया।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और असम के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. कल्याण चक्रवर्ती ने बताया कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या हजारिका से जुड़े पहली मंजिल के कमरे को सरंक्षित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार और सांस्कृतिक संस्थानों से बात की जा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह भूपेन हजारिका से जुड़ी एक बहुत महत्वपूर्ण जगह है। मैं इस जगह को देखने आया हूं और इस मामले को शीर्ष स्तर पर उठाऊंगा ताकि हम पता लगा सकें कि इसका नवीनीकरण और संरक्षण कैसे किया जा सकता है।’’

असम सरकार की टीम का यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब देश भारत रत्न भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी मना रहा है।

मशहूर गायक और संगीतकार हजारिका दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज में 77 बी गोल्फ क्लब रोड पर बनी तीन मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर किराएदार के तौर पर रहते थे और बाद में 1981 में उन्होंने इसे खरीद लिया था। बंगाल में हजारिका की विरासत को संजोने वाले संगठन ‘असम एसोसिएशन’ के सदस्य त्रिदिब शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1990 के दशक के आखिर में इस संपत्ति को बेच दिया था और मुंबई चले गए थे।

शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “लता मंगेशकर और मन्ना डे जैसी बड़ी हस्तियां यहां आती थीं। यह केवल एक घर नहीं था, बल्कि एक ऐसा मंच था जो प्रतिबिंबित करता था कि हजारिका संगीत के जरिए लोगों को जोड़ने वाले कलाकार थे। उन्होंने कई असमिया, बांग्ला और हिंदी गानों की रचना की और उनमें अपनी आवाज दी, जिससे वे कई पीढ़ियों के चहेते बन गए।’’

उन्होंने कहा कि इमारत के कई मालिक हैं, जिससे इसे स्मारक में तब्दील करने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बन गई है।

शर्मा ने कहा, “अब इस घर में कई परिवार रहते हैं और इसके मालिक भी वही हैं। उनमें से कोई भी हजारिका का रिश्तेदार नहीं है।”

उन्होंने कहा कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल एक स्मारक बनाने की प्रक्रिया शुरू करना चाहते थे, लेकिन ‘‘यहां की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार इसे आगे नहीं बढ़ा पाई’’।

शर्मा ने कहा, “हमें उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार जरूरी कदम उठाएगी ताकि उस कमरे को हासिल किया जा सके और असम के साथ मिलकर वहां एक स्मारक बनाने की दिशा में कोशिशें की जा सकें।’’

असम सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई कि ‘‘पहली मंजिल पर हजारिका की बैठक को सरंक्षित करने और उसे एक स्मारक में बदलने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी’’। हालांकि कई मालिकों और किरायेदारों के कारण वह इमारत को अंदर से पूरा नहीं देख पाए।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हजारिका का संगीत भाषाई और सामाजिक सीमाओं से परे था। हमें उस संगीत के दिग्गज का पूरा सम्मान करना चाहिए, जिनके गाने हमेशा संस्कृतियों को एक साथ लाए। उन्होंने कई भाषाओं में गाया और उनका संगीत जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठने की भावना का उदाहरण था।’’

असम के अधिकारी ने कहा, ‘‘यह साल हजारिका की 100वीं जयंती का है और अधिकारी भारतीय संगीत और संस्कृति में उनके योगदान का जश्न मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं। शताब्दी समारोह के हिस्से के तौर पर छह सितंबर को कोलकाता में एक खास कन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है।’’

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत