असम अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का करेगा निवेश: हिमंत

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असम अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का करेगा निवेश: हिमंत

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 12:48 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 12:48 PM IST

गुवाहाटी, 15 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य में पूंजीगत व्यय के रूप में अगले पांच वर्षों में 1.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जिसमें से 50,000 करोड़ रुपये राज्य के अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने भाषण में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आकर असम में बसे और यहां की संस्कृति में घुल-मिल चुके लोगों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में ‘असमिया’ दर्ज कराएं।

हालांकि, उन्होंने कहा कि बराक घाटी के लोग और आदिवासी इस श्रेणी में अपनी-अपनी भाषाओं का उल्लेख कर सकते हैं। बराक घाटी में मुख्य रूप से बांग्ला भाषी आबादी रहती है।

मुख्यमंत्री के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद, स्वतंत्रता दिवस पर अपने पहले भाषण में शर्मा ने कहा, ‘‘2047 तक ‘विकसित असम’ के निर्माण के लिए, हम पूंजीगत व्यय में 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। अगले चार वर्षों में सड़कों, स्कूलों, शहरीकरण, ग्रामीण विकास आदि में निवेश का असर दिखाई देने लगेगा और यह हमारे अपने कोष से होगा।’’

शर्मा ने कहा, ‘‘हम केंद्र सरकार से अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। राज्य बुनियादी ढांचे पर 2026 से 2031 तक 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा।’’

उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था एक दशक में तीन गुना हो गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित टाटा के संयंत्र संदर्भ देते हुए कहा राज्य अब ‘‘चाय’’ से लेकर सेमीकंडक्टर की ‘‘चिप’’ तक के लिए जाना जाता है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘हमारे पास ओडिशा जैसी समुद्री सीमाएं और संसाधन नहीं हैं; हमने दशकों तक उग्रवाद झेला है लेकिन ‘विकास का असम मॉडल’ अब चमक रहा है।’’

हाल ही में आई बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शर्मा ने कहा कि प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने ‘जेन-जी’ और ‘जेन-अल्फा’ की अवधारणाओं को ‘‘यूरोपीय’’ कहकर खारिज करते हुए एक नए युवा विकास और अधिकारिता विभाग के गठन की घोषणा की जो युवाओं के कौशल संवर्धन और सर्वांगीण विकास के लिए काम करेगा।

उन्होंने आठ नए सह-जिलों के गठन और लंबित सरकारी फाइलों का निपटारा युद्ध स्तर पर करने की घोषणा की।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने 2004 में धेमाजी में स्वतंत्रता दिवस के दिन हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ऐसी घटनाएं भविष्य नहीं होंगी।

धेमाजी के परेड मैदान में ध्वजारोहण समारोह से ठीक कुछ मिनट पहले उल्फा द्वारा किए गए विस्फोट में तीन बच्चों सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी।

शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘2004 के धेमाजी आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले मासूम बच्चों, शिक्षकों और अन्य लोगों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज जब असम स्थायी शांति के दौर में प्रवेश कर चुका है, तब हर बच्चे के पास पढ़ने, सपने देखने और सुरक्षित भविष्य बनाने का अवसर है। हम यह सुनिश्चित करने के अपने संकल्प पर दृढ़ हैं कि ऐसी त्रासदी दोबारा कभी न हो।’’

भाषा खारी रंजन

रंजन