जयपुर, 22 सितंबर (भाषा) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अलवर जिले में कथित रिश्वत के एक मामले में मंगलवार को दो सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एसीबी ने बताया कि अलवर जिले की कठूमर पंचायत समिति में एक कंपनी के लंबित बिल के भुगतान करने की एवज में आरोपी सहायक अभियंता शिवराम और कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान को क्रमश: 25 हजार रुपये और 10 हजार रुपये कथित तौर पर लेते हुए पकड़ा गया।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भिवाड़ी को शिकायत मिली थी कि एक कम्पनी ने ग्राम पंचायत में एफएसएसी योजना के तहत निविदा के माध्यम से राजीव गांधी सेवा केंद्र ईटोला का मरम्मत कार्य कराया था। उन्होंने बताया कि इस कार्य का 2.52 लाख रुपये का बिल पंचायत समिति कठूमर में भुगतान के लिए लंबित था।
उन्होंने बताया कि बिल के भुगतान के संबंध में परिवादी ने सहायक अभियंता शिवराम और कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि आरोप है कि शिवराम ने बिल पास करने की एवज में 40 हजार रुपये और मिन्ना खान ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उन्होंने बताया कि एसीबी ने 18 सितंबर को रिश्वत मांग का सत्यापन कराया।
उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान शिवराम द्वारा 40 हजार रुपये की कथित तौर पर मांग किए जाने और परिवादी के आग्रह पर राशि घटाकर 35 हजार रुपये करने पर सहमति जताने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि इसमें से 10 हजार रुपये कथित तौर पर तत्काल ले लिये गए तथा शेष 25 हजार रुपये बाद में लेने पर सहमति बनी थी।
उन्होंने बताया कि इसी तरह, मिन्ना द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत कथित तौर पर मांगने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि इसमें से 5 हजार रुपये कथित तौर पर तत्काल ले लिये गए और शेष 10 हजार रुपये बाद में लेने पर सहमति बनी।
एसीबी के अनुसार मंगलवार को टीम ने जाल बिछाया और दोनों को रिश्वत की राशि कथित तौर पर लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
एसीबी ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे जांच की जाएगी।
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