(तस्वीरों के साथ जारी)
मदुरै (तमिलनाडु), 15 जनवरी (भाषा) मदुरै के अवनियापुरम में सांडों को काबू करने की प्रतियोगिता जल्लीकट्टू के दौरान बृहस्पतिवार को कम से कम 32 लोग घायल हो गए।
पोंगल 2026 फसल कटाई उत्सव सत्र में होने वाली सांड काबू करने की तीन प्रमुख पारंपरिक प्रतियोगिताओं में से पहली प्रतियोगिता यहां अवनियापुरम में बृहस्पतिवार को शुरू हुई जिसमें सांड काबू करने वाले करीब 550 लोग अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मदुरै में आयोजित इस तीन दिवसीय जल्लीकट्टू उत्सव में भाग लेने के लिए करीब 1,100 सांडों और सांड काबू करने वालों का ऑनलाइन पंजीकरण हुआ है।
पांचवें दौर के अंत तक कुल 464 सांड छोड़े गए जिनमें करीब 275 सांड काबू में नहीं आए और 189 सांड पर काबू पा लिया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरान घायल हुए 32 लोगों में एक दर्शक, सांड काबू करने वाले 17 लोग और 14 सांड मालिक हैं। इनमें से पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नीदरलैंड और जापान सहित कुछ अन्य देशों के लोग भी यह प्रतियोगिता देखने पहुंचे।
पलामेडु और अलंगानल्लूर अन्य दो केंद्र हैं, जहां सांड काबू करने की प्रतियोगिताएं क्रमशः 16 और 17 जनवरी को आयोजित होंगी। अंतिम प्रतियोगिता अलंगानल्लूर में होगी। विजेता को कार, ट्रैक्टर और अन्य आकर्षक पुरस्कार मिलेंगे।
राज्य के वाणिज्य कर एवं पंजीकरण मंत्री पी मूर्ति ने मदुरै जिलाधिकारी प्रवीण कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस खेल का उद्घाटन किया। सुरक्षा के लिए 2,200 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
इससे पहले, सांडों की एक चिकित्सकीय शिविर में जांच की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें नशीला पदार्थ तो नहीं दिया गया।
एक पशु चिकित्सक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘स्वास्थ्य कारणों से चार सांड को अयोग्य करार दिया गया। हमने पाया कि वे बेचैन थे, उनके मुंह से लार गिर रही थी या उनका तापमान बढ़ा हुआ था और उनमें निर्जलीकरण के लक्षण थे। यह जांच 2017 में निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के आधार पर की गई।’’
पशु चिकित्सकों ने सांडों की जांच यह देखने के लिए की कि क्या उनकी पीठ पर तेल लगाया गया है या उनके सींग तीखे किए गए हैं।
पुरुष प्रतिभागियों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई। इसके बाद वे मदुरै के अवनियापुरम में भद्रकाली अम्मन मंदिर के पास स्थित अखाड़े में उतरे।
जिला प्रशासन ने पहली बार आयोजन स्थल पर एक डिजिटल स्कोरबोर्ड लगाया है।
भाषा सिम्मी नरेश
नरेश