दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल), 21 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार पंचायतों और नगर निकायों के कामकाज को सामान्य करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर स्थित श्रीजानी हॉल में प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई कस्बों और शहरों में नगर निकायों का कामकाज ठप्प हो जाने से लोगों को असुविधा हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पंचायतें और नगरपालिकाएं बंद हैं, और इसके चलते आम लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। किसी को भी पंचायतों और नगरपालिकाओं के कामकाज को ठप्प करने का कोई अधिकार नहीं है।’’
भाजपा के सत्ता में आने के बाद से कई स्थानीय निकायों में तृणमूल कांग्रेस के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने काम पर जाना बंद कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे कल्याणकारी योजनाओं के निर्बाध कार्यान्वयन और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा, ‘‘बीडीओ पंचायत समिति के कार्यकारी अधिकारी होते हैं। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी योजनाएं लागू हों। हमने केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को अपनाया है और आयुष्मान भारत, विश्वकर्मा योजना और उज्ज्वला योजना का लाभ लोगों तक पहुंचना चाहिए।’’
अधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान की तैयारियों और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज की बैठक में चर्चा किया गया चौथा मुद्दा मानसून के दौरान की तैयारियों से संबंधित है। पांचवां मुद्दा जबरन वसूली की संस्कृति को पूरी तरह से बंद करना और सरकारी राजस्व में होने वाले रिसाव को रोकना है।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बर्धमान और पूर्वी बर्धमान जिलों में अवैध रेत खनन के कारण राजस्व का भारी नुकसान हुआ है, और भाजपा के सत्ता में आने के बाद ऐसी खदानें बंद कर दी गईं।
अधिकारी ने कहा कि वह ‘‘डबल इंजन सरकार’’ के लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार ने आसनसोल, चित्तरंजन, आंदल और दुर्गापुर की उपेक्षा की। हमें दो से तीन महीने का समय दीजिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज मुख्यमंत्री पांच मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यहां आए थे। क्या सड़कें बंद थीं? पहले ऐसी बैठकों में 2-4 करोड़ रुपये का खर्च होता था। हम अनावश्यक खर्च कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की भारी तैनाती से अनावश्यक खर्च हुआ।
पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए अधिकारी ने कहा, ‘‘पहाड़ी इलाकों में बाढ़ से लोग परेशान होंगे और मुख्यमंत्री दुर्गा पूजा उत्सव का आनंद लेंगी – अब ऐसा नहीं होगा।’’
दुर्गापुर आने से पहले, अधिकारी ने हावड़ा जिले में इसी तरह की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
भाषा सुभाष संतोष
संतोष