कोलकाता, 20 जून (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को होने वाले पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय विरोध का सामना किए जाने की शिकायत करने वाले उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं को सूचीबद्ध करने के लिए एक हलफनामा दाखिल किया जाए।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दक्षिण और उत्तर 24 परगना में कई उम्मीदवार अदालत द्वारा पुलिस को उनकी मदद का निर्देश दिए जाने के बावजूद सत्ता पक्ष के समर्थकों द्वारा कथित रूप से जबरन रोके जाने के कारण अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाए।
न्यायमूर्ति राजशेखर मांथा ने पुलिस को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें नामांकन भरने में विरोध का सामना करने की शिकायत करने वाले किसी भी उम्मीदवार की विशेष रूप से सहायता करने संबंधी सुविधाएं सूचीबद्ध हों।
अदालत ने पुलिस को अपने 15 और 16 जून के आदेशों का पालन करने तथा काशीपुर, बशीरहाट, कैनिंग, भांगोर, मिनाखान, संदेशखली- 1 और 2, नजत, हरोआ और जिबंतला थाना क्षेत्रों में बलों की तैनाती के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने का निर्देश दिया। इसने कहा कि ये क्षेत्र स्वाभाविक रूप से संवेदनशील हैं।
उच्च न्यायालय ने 15 और 16 जून को निर्देश दिया था कि पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि इससे पहले यह आरोप लगाया गया था कि विपक्षी उम्मीदवारों को उत्तर और दक्षिण 24 परगना में कुछ स्थानों पर बीडीओ कार्यालयों में पर्चा दाखिल करने से जबरन रोका जा रहा है।
भाषा नेत्रपाल माधव
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