कोलकाता, 20 सितंबर (भाषा) दक्षिण कोलकाता के यादवपुर में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय, पूर्व विधायक और पार्षद के आवास तथा माकपा द्वारा निर्मित शहीद स्मारक में कथित तोड़फोड़ के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस घटना में भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे जबकि सत्तारूढ़ दल ने इस आरोप से इनकार किया है।
यादवपुर के पूर्व विधायक देबब्रत मजूमदार ने रविवार को आरोप लगाया कि बिजयगढ़ स्थित उनके आवास पर करीब 100-150 लोगों के एक समूह ने हमला किया। उन्होंने इन लोगों को ‘‘बाहरी’’ बताया और कहा कि वे हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए हैं।
मजूमदार ने दावा किया कि कथित तौर पर हथियारों से लैस यह समूह शनिवार रात मोटरसाइकिल पर सवार होकर कई इलाकों से गुजरा और उनके आवास पर पहुंचने से पहले तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालयों तथा अन्य स्थानों पर तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आवास पर समूह के लोगों ने पथराव किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।
वार्ड संख्या 96 की पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद बसुंधरा गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल पर सवार एक समूह के सदस्यों ने उनके घर में भी तोड़फोड़ की। उन्होंने दावा किया कि समूह के लोग हथियारों से लैस थे और उनके हाथों में भाजपा के झंडे थे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा विपक्षी दलों को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह हमें घरों में बंद नहीं रख सकती।’’
बाघा जतिन में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई। वहां पार्टी के झंडे जमीन पर पड़े मिले और पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित एक स्मारक को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि आनंदपल्ली में तृणमूल कांग्रेस का पार्टी झंडा फाड़ दिया गया और 1960 के दशक के शहीदों को समर्पित माकपा के एक स्मारक में तोड़फोड़ की गई।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बैस्वनोर चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्टी के समर्थकों में दहशत पैदा करने के लिए ‘‘आतंक की रणनीति’’ अपना रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के संरक्षण में रह रहे उपद्रवी लोगों ने जमकर उत्पात मचाया। लेकिन यादवपुर की जनता ऐसी गुंडागर्दी का समर्थन नहीं करेगी।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की राज्य समिति के सदस्य सुदीप सेनगुप्ता ने माइक के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से हिंसा में शामिल लोगों को नियंत्रित करने की अपील की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना में अपनी पार्टी का कोई संबंध होने से इनकार किया और आरोप लगाया कि हिंसा तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी विवाद का नतीजा थी।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने कहा कि उनकी पार्टी हिंसा में विश्वास नहीं करती और इन घटनाओं में उसका कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में हाल में शामिल हुए कोई कार्यकर्ता इसमें शामिल हैं, तो हम उन्हें संरक्षण नहीं देंगे। उपद्रवी, उपद्रवी ही होता है।’’
माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि अगर भाजपा क्षेत्र में ‘‘आतंक का राज कायम करना’’ चाहती है, तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी।
भाषा आशीष नरेश
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