नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के कुछ सहयोगियों को हटाए जाने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि ऐसे मंत्रियों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और उन्हें अपने ‘राजधर्म’ का पालन करना चाहिए।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय राजनीति में नैतिक जिम्मेदारी का विचार अब भी जीवित है या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने तमिलनाडु में रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री पद से इस्तीफा देकर नैतिक जिम्मेदारी का सर्वोच्च उदाहरण पेश किया था, लेकिन बाद के वर्षों में ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिले।
रमेश ने भूपेंद्र यादव के करीबी सहयोगियों को हटाए जाने का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘जब किसी मंत्री के सबसे करीबी सहयोगियों को भ्रष्टाचार के आरोपों में हटाया जाता है, तब संबंधित मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी महसूस करते हुए पद छोड़ देना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि यदि मंत्री को इन घटनाओं की जानकारी थी तो वह भी जवाबदेह हैं और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह स्थिति और भी गंभीर है तथा ऐसे में उनके पद छोड़ने का और भी ठोस कारण बनता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अब समय आ गया है कि संबंधित मंत्री अपना ‘‘राजधर्म’’ निभाएं।
रमेश ने यह भी कहा कि ‘‘राजधर्म’’ में नैतिक जिम्मेदारी और राजनीतिक जवाबदेही, दोनों शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि पर्यावरण मंत्रालय ने एक साथ एक निजी सचिव और दो अतिरिक्त निजी सचिवों को हटा दिया है।
विभाग के मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव को ‘‘प्रशासनिक आधार’’ पर हटा दिया गया, जबकि एक अतिरिक्त निजी सचिव की सेवा खत्म कर दी गई और दूसरे अतिरिक्त निजी सचिव को उनके मूल कैडर में “समय से पहले वापस” भेज दिया गया।
भाषा हक गोला
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