सिंगूर में कार कारखाने का निर्माण रोकने के लिए भाजपा और तृणमूल में साठगांठ हुई थी: माकपा

सिंगूर में कार कारखाने का निर्माण रोकने के लिए भाजपा और तृणमूल में साठगांठ हुई थी: माकपा

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 09:37 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 09:37 PM IST

कोलकाता, 18 जनवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को दावा किया कि इस सप्ताहांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से पश्चिम बंगाल में आयोजित जनसभाओं में दिए गए भाषणों में कुछ भी नया नहीं था।

राज्य में लगातार करीब तीन दशक तक शासन में रही माकपा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सिंगूर से टाटा मोटर्स की कार फैक्टरी स्थापित करने की योजना को विफल बनाने के लिए तृणमूल कांग्रेस के साथ साठगांठ की थी।

माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि घुसपैठ के मुद्दे के अलावा मोदी ने जो कुछ भी कहा है, उसमें कुछ भी अहम नहीं है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और भाजपा सिंगूर आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी के साथ थे।’’

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में कृषि भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चले लंबे आंदोलन के बाद टाटा मोटर्स ने अक्टूबर 2008 में सिंगूर में प्रस्तावित अपने नैनो कार कारखाने को गुजरात के साणंद में स्थानांतरित कर दिया था।

सिंगूर और नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी प्रदर्शनों ने 2011 में पश्चिम बंगाल में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के 34 साल के निर्बाध शासन के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चक्रवर्ती ने केरल से फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से की गई बातचीत में दावा किया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में उद्योगों के विकास के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने भाजपा पर राज्य में औद्योगीकरण के मुद्दे पर खोखले बयान देने का आरोप लगाया।

माकपा नेता ने कहा, ‘‘जनता तृणमूल और भाजपा के असली चेहरे को पहचान चुकी है।’’ उन्होंने दोनों दलों के बीच साठगांठ का आरोप लगाया।

भाषा धीरज पारुल

पारुल