भाजपा ने अपने पार्षदों को एमसीडी चुनाव बाधित करने का निर्देश दिया है : सिसोदिया

भाजपा ने अपने पार्षदों को एमसीडी चुनाव बाधित करने का निर्देश दिया है : सिसोदिया

भाजपा ने अपने पार्षदों को एमसीडी चुनाव बाधित करने का निर्देश दिया है : सिसोदिया
Modified Date: February 6, 2023 / 10:43 am IST
Published Date: February 6, 2023 10:43 am IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन के सत्र से पहले सोमवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महापौर के चुनाव को बाधित करने के लिए अपने पार्षदों को पिछली बार की तरह हंगामा करने का निर्देश दिया है।

दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह आम आदमी पार्टी (आप) ही है जिसने अपने पार्षदों को ऐसा करने के लिए कहा है और अगर सदन की कार्यवाही स्थगित होती है तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

पिछले दो प्रयासों में मतदान पूरा करने में विफल रहने के बाद दिल्ली के महापौर का चुनाव करने के लिए आज एमसीडी सदन की बैठक बुलाए जाने की संभावना है।

पहले दो सत्र छह जनवरी और 24 जनवरी को हुआ था जिसे पीठासीन अधिकारी ने भाजपा एवं आप सदस्यों के बीच हंगामे तथा तीखी नोकझोंक के बाद महापौर का चुनाव कराए बिना स्थगित कर दिया था।

सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा ने अपने पार्षदों को आज फिर एमसीडी बैठक में महापौर चुनाव नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं। भाजपा पार्षदों को कहा गया है सदन शुरू होते ही किसी बहाने से हंगामा कर देना। पीठासीन अधिकारी पिछली बार की तरह फिर अनिश्चितकाल के लिए सदन स्थगित कर देंगी। उपराज्यपाल फिर से 20 दिन बाद की तारीख़ देंगे।’’

इस पर पलटवार करते हुए भाजपा के सचदेवा ने कहा कि अगर सोमवार को सदन स्थगित होता है तो इसके लिए केजरीवाल जिम्मेदार होंगे।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘आप को अपने बहुमत पर भरोसा नहीं है और उसने अपने पार्षदों को किसी भी मुद्दे पर हंगामा करके सदन स्थगित करने का निर्देश दिया है। अगर सदन आज भी स्थगित होता है तो इसके लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार होंगे।’’

दिल्ली नगर निगम (डीएमसी) अधिनियम, 1957 के अनुसार निकाय चुनावों के बाद सदन के पहले ही सत्र में महापौर और उपमहापौर का चुनाव होना चाहिए। हालांकि, चार दिसंबर को हुए नगर निगम चुनाव को दो महीने हो चुके हैं और दिल्ली को अब तक महापौर नहीं मिला है।

भाषा सुरभि प्रशांत

प्रशांत


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