भाजपा ने ‘जान पर खतरा’ संबंधी दावे को लेकर ममता बनर्जी पर साधा निशाना, तृणमूल ने किया पलटवार

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भाजपा ने ‘जान पर खतरा’ संबंधी दावे को लेकर ममता बनर्जी पर साधा निशाना, तृणमूल ने किया पलटवार

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 07:52 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल और लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनकी जान जोखिम में होने के तृणमूल कांग्रेस के दावे को विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को गुमराह करने के प्रयास के तौर पर खारिज कर दिया।

एक दिन पहले बनर्जी ने इस बात को लेकर भाजपा की आलोचना की थी कि वह चुनाव के दौरान मतदाताओं की सहानुभूति हासिल करने के लिए ‘पट्टी बांधकर घूमती हैं’ तथा ‘पीड़ित कार्ड’ खेलती हैं।

तृणमूल प्रमुख बनर्जी ने कहा था, ‘‘मैं बार-बार मौत के मुंह से वापस आयी हूं। जाकर डॉक्टर की रिपोर्ट देख लीजिए। क्या आपने 2021 के चुनाव के दौरान जानबूझकर मेरे पैर में चोट पहुंचाई थी? … क्या आप मुझे जान से मारने की योजना बना रहे हैं?’’

सोमवार को तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि भाजपा बनर्जी को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है क्योंकि उसे इस मामले में काफी अनुभव है।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान मतदाताओं में भ्रम पैदा करने के लिए ऐसे दावे करती हैं और यह एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

उन्होंने कहा,‘‘जब भी बंगाल में चुनाव नजदीक आते हैं, ममता जी लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसे तर्क देती हैं। अभी दो महीने पहले ही, जब ईडी ने छापेमारी की थी, तब उन्होंने फाइलें छीन ली थीं और अधिकारियों को धमकाया था। उस समय उनकी जान को कोई खतरा नहीं था।’’

भाजपा सांसद ने कहा,“उनके दल के कार्यकर्ता बार-बार भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन तब उन्हें कोई खतरा नहीं दिखता। जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, वह अचानक अपनी जान को खतरा होने का दावा करने लगती हैं। यह भ्रम पैदा करने की एक सोची-समझी रणनीति है। इस बार बंगाल की जनता गुमराह नहीं होगी। लोग विकास और सुरक्षा के लिए भाजपा को वोट देंगे।’’

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, ‘‘ममता जी बंगाल, लोकतंत्र और देश की राष्ट्रवादी ताकतों के लिए खतरा हैं। उनके नेतृत्व में केवल तुष्टीकरण की राजनीति ही फल-फूल रही है।’’

उन्होंने यहां संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, ‘‘वह बंगाल के लिए अभिशाप बन चुकी हैं। अगर वह सत्ता में वापस आती हैं, तो भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ेगी, कृषि उत्पादन में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। उनका राजनीतिक करियर अब अपने अंतिम चरण में है।’’

तृणमूल ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग को अपनी कठपुतली बना लिया है। कई विपक्षी दलों ने भी बनर्जी और उनकी पार्टी का समर्थन किया।

तृणमूल सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया,‘‘बंगाल में निर्वाचन आयोग के कामकाज से साफ है कि वह भाजपा की शाखा की तरह काम कर रहा है और उसके इशारे पर चल रहा है।’’

उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों के तबादले और प्रशासनिक हस्तक्षेप राज्य सरकार को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए थे, लेकिन ऐसे उपायों से चुनावी परिणाम प्रभावित नहीं होंगे।

अपनी पार्टी की जीत की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए घोष ने कहा कि तृणमूल चुनाव में शानदार जीत हासिल करेगी और बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी।

उन्होंने कहा,“भाजपा को शिकायत करने का कोई हक नहीं है। उसने निर्वाचन आयोग को कठपुतली बना दिया है और वह उसका इस्तेमाल लोकतंत्र एवं संविधान को कमजोर करने के लिए कर रही है।”

बनर्जी का समर्थन करते हुए, समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों पर सवाल उठाया एवं कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा इस तरह के व्यापक बदलाव अभूतपूर्व हैं और चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों के बावजूद, बनर्जी भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेंगी।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश