चेन्नई, 26 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य बनाने वाली हालिया अधिसूचना को वापस लेने का आग्रह किया।
अन्नामलाई ने मंत्रालय से आग्रह किया कि वह वर्ष 2029-30 शैक्षणिक वर्ष से तीन भाषाएं (जिनमें से दो भारतीय भाषाएं हों) शुरू करने की अपनी पूर्व प्रतिबद्धता पर कायम रहे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 15 मई, 2026 को सभी संबद्ध विद्यालयों को एक अधिसूचना जारी कर वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीसरी अनिवार्य भाषा शुरू करने की घोषणा की, जो पूर्व में 2029-30 सत्र से लागू किये जाने की निर्धारित समय सीमा से काफी पहले है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह कई अभिभावकों, विशेषकर तमिलनाडु के अभिभावकों के लिए एक झटका है, क्योंकि उनके बच्चों ने कक्षा छठी में ही अपनी पसंद की भाषा चुन ली थी। संशोधित अधिसूचना के अनुसार, कक्षा नौ के छात्रों को एक जुलाई, 2026 से तीन भाषाएं सीखनी होंगी, जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए। इतने कम समय में कक्षा नौ के छात्र से एक नई भाषा सीखने की अपेक्षा करना बच्चों पर दबाव डालेगा और उनके समग्र पठन-पाठन के परिणाम को प्रभावित करेगा।’’
अन्नामलाई ने कहा कि अप्रैल 2026 में जब सीबीएसई ने घोषणा की कि कक्षा छठी के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए, तो उन्होंने भी इस निर्णय का स्वागत किया था।
उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल 2026 की उसी अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा नौवीं के छात्रों के लिए तीसरी भाषा केवल शैक्षणिक वर्ष 2029-30 से अनिवार्य की जाएगी।
भाषा संतोष नरेश
नरेश