भाजपा नेता राधाकृष्णन ने शबरिमला मंदिर के तंत्री पद से तझामोन परिवार को हटाने की मांग की

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भाजपा नेता राधाकृष्णन ने शबरिमला मंदिर के तंत्री पद से तझामोन परिवार को हटाने की मांग की

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 06:44 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 12 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता के. एस. राधाकृष्णन ने रविवार को मांग की कि तझामोन परिवार को शबरिमला मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) के वंशानुगत पद से हटा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परिवार ने मंदिर की गरिमा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ‘‘ठेस’’ पहुंचाई है।

यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब खबरों में दावा किया गया है कि शबरिमला के तंत्री कंडारारु राजीवरु ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को पत्र लिखकर मलयालम माह चिंगम से अपने पुत्र ब्रह्मदत्तन को अगला तंत्री नियुक्त करने का अनुरोध किया है।

भाजपा की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष राधाकृष्णन ने फेसबुक पर साझा एक पोस्ट में कहा कि केवल वंशानुगत उत्तराधिकार के आधार पर देवस्वओम बोर्ड उस व्यक्ति की सिफारिश मानने के लिए बाध्य नहीं है, जो स्वयं आपराधिक मामले का सामना कर रहा हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि शबरिमला मंदिर और अयप्पा के करोड़ों श्रद्धालुओं को जितना अपमान और दुख तझामोन परिवार ने पहुंचाया है, उतना किसी अन्य परिवार ने नहीं पहुंचाया।

राधाकृष्णन ने तझामोन परिवार के एक अन्य सदस्य तथा शबरिमला के पूर्व तंत्री कंडारारु मोहनरु के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध अतीत में दर्ज एक मामले का उल्लेख किया।

शबरिमला सोना चोरी मामले का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या वंशानुगत अधिकार स्वतः उन लोगों के बच्चों को भी मिल जाना चाहिए, जो आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे हैं। चोरी के इस मामले में राजीवरु आरोपी हैं।

उन्होंने दावा किया कि न्यायिक फैसलों में स्पष्ट किया गया है कि जहां तंत्री को मंदिर के अनुष्ठानों के संचालन का अधिकार प्राप्त है, वहीं नियुक्ति करने वाले प्राधिकरण के पास कानून के तहत उन्हें पद से हटाने की शक्ति भी है।

उन्होंने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड से आग्रह किया कि वह अगले तंत्री की नियुक्ति केवल पारिवारिक परंपरा के बजाय योग्यता और कानूनी प्रावधानों के आधार पर करे।

हालांकि, राधाकृष्णन के आरोपों पर तझामोन परिवार, टीडीबी या भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाषा खारी वैभव

वैभव