कन्नड़ भाषा पर हमला हुआ तो भाजपा-आरएसएस को कांग्रेस की पूरी ताकत का करना होगा सामना : राहुल

कन्नड़ भाषा पर हमला हुआ तो भाजपा-आरएसएस को कांग्रेस की पूरी ताकत का करना होगा सामना : राहुल

कन्नड़ भाषा पर हमला हुआ तो भाजपा-आरएसएस को कांग्रेस की पूरी ताकत का करना होगा सामना : राहुल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: October 13, 2022 10:27 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

चित्रदुर्ग (कर्नाटक), 13 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कर्नाटक के लोगों और उनकी भाषा पर हमला करते हैं तो उन्हें उनकी पार्टी की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा।

गांधी की टिप्पणी के कुछ दिनों पहले जनता दल (सेक्युलर) के नेता कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा केवल हिंदी और अंग्रेजी में आयोजित की जा रही है, न कि किसी क्षेत्रीय भाषा में।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत चित्रदुर्ग जिले के मोलाकलमुरु शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि बेरोजगार युवाओं ने उनसे पूछा कि वे कन्नड़ में अपनी परीक्षा क्यों नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा कि लोगों को कन्नड़ में उत्तर पुस्तिका लिखने की अनुमति दी जानी चाहिए, यह भाषा केवल वह नहीं है जिसका उपयोग आप एक दूसरे के साथ बातचीत करने के लिए करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाषा इतिहास है, संस्कृति है, यह कल्पना है और किसी को भी लोगों को उनकी भाषा में बोलने से रोकने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

गांधी ने कहा, ‘‘ये ऐसे कुछ विचार हैं जिन्हें भाजपा और आरएसएस बढ़ावा दे रहे हैं। उनके लिए कन्नड़ एक द्वितीयक भाषा है। इसका सम्मान नहीं करना है। हमारे लिए कन्नड़ प्राथमिक महत्व का है। अगर भाजपा और आरएसएस को लगता है कि वे कन्नड़ भाषा पर, कर्नाटक के लोगों पर, कर्नाटक के इतिहास पर हमला कर सकते हैं, तो उन्हें कांग्रेस पार्टी की पूरी ताकत का सामना करना होगा।’’

उन्होंने जनसभा से कहा कि कोई भी कर्नाटक के लोगों को यह निर्देश नहीं दे सकता है कि उन्हें अपना जीवन कैसे जीना चाहिए, और कोई भी राज्य के लोगों को यह नहीं बता सकता कि उनके बच्चे किस भाषा में परीक्षा दे सकते हैं।

गांधी ने कहा, ‘‘अगर कर्नाटक के लोग कन्नड़ बोलना चाहते हैं, तमिलनाडु के लोग तमिल बोलना चाहते हैं और केरल के लोग मलयालम बोलना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।’’

गांधी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नीत सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि देश में पिछले 45 वर्षों में बेरोजगारी सबसे अधिक क्यों है। मूंगफली की फसल बर्बाद होने और सड़कों पर टमाटर के सड़ने का जिक्र करते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा से जानना चाहा कि उसने कर्नाटक में किसानों की मदद के लिए क्या किया है।

गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर देश में ‘घृणा फैलाने’ का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजपा और आरएसएस को भारत को विभाजित करने और इस देश में नफरत फैलाने की अनुमति नहीं देंगे।’’

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में