हैदराबाद, दो जनवरी (भाषा) मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए तेलंगाना विधानसभा के मौजूदा शीतकालीन सत्र का बहिष्कार करने की घोषणा की।
बीआरएस के वरिष्ठ विधायक टी हरीश राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार विधानसभा को ‘एकतरफा’ चला रही है और बीआरएस की आवाज को ‘दबाया’ जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने ‘पक्षपातपूर्ण रवैया’ अपनाते हुए कहा कि बीआरएस सदस्यों को मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की आलोचना नहीं करनी चाहिए।
हरीश राव ने कहा, “वे (अध्यक्ष) कहते हैं कि वे मुझे मुख्यमंत्री के बारे में बोलने के लिए माइक का इस्तेमाल नहीं करने देंगे। फिर विधानसभा में आने का क्या फायदा?’
बीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव के भतीजे राव ने कहा, ‘अध्यक्ष के पक्षपातपूर्ण रवैये के विरोध में बीआरएस ने विधानसभा के इस सत्र का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष को सदन में सभी को समान अधिकार देने चाहिए।’
रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए राव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सदन में बीआरएस पर हमला करने के लिए ‘अपमानजनक भाषा’ का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया गया और विधानसभा को ‘कांग्रेस कार्यालय’ की तरह चलाया जा रहा है।
बीआरएस सदस्यों ने शुक्रवार को सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन किया। उन्होंने यह कदम राव द्वारा सदन की कार्यप्रणाली को ‘एकतरफा’ बताए जाने के विरोध में उठाया।
हरीश राव ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिंचाई परियोजनाओं में तेलंगाना के साथ ‘अधिक अन्याय’ करने पर बीआरएस के अध्यक्ष केसीआर और हरीश राव को ‘फांसी’ देना भी गलत नहीं होगा।
उन्होंने रेवंत रेड्डी पर ‘उग्रवादी’ की तरह बोलने का आरोप लगाया।
राव ने कहा, ‘राहुल गांधी संविधान को अपने हाथ में लिए फिरते हैं, लेकिन विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। मुख्य विपक्षी दल को माइक नहीं दिया जा रहा।’
भाषा प्रचेता दिलीप
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