नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के निजी गैर-सहायता मान्यता प्राप्त विद्यालयों में फीस संबंधी मामलों की समीक्षा और समाधान के लिए जिला फीस अपील समितियों और पुनरीक्षण समिति में छह चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
इस नियुक्ति के लिए निविदा जारी की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 86.40 लाख रुपये है।
नियुक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट को दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के तहत 15 जिलों में तैनात किया जाएगा।
यह अधिनियम 14 अगस्त, 2025 की अधिसूचना के बाद लागू हुआ था।
अधिनियम के तहत, प्रत्येक विद्यालय में स्कूल स्तरीय शुल्क विनियमन समिति को प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित शुल्कों को मंजूरी देने का अधिकार होता है।
असंतुष्ट अभिभावकों का समूह 30 दिनों के भीतर जिला शुल्क अपीलीय समिति के समक्ष निर्णय के खिलाफ अपील कर सकता है।
कानून के अनुसार, प्रत्येक जिला अपीलीय समिति और पुनरीक्षण समिति में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का सदस्य होना अनिवार्य है।
बयान में बताया गया कि दिल्ली के 15 जिलों में लगभग 1,794 निजी गैर-सहायता मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं, जिनके वित्तीय दस्तावेजों की अपीलीय और पुनरीक्षण चरणों में जांच आवश्यक है।
बयान के मुताबिक, इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए कम से कम छह पेशेवर चार्टर्ड अकाउंटेंट तैनात किए जाएंगे, जिनमें से एक पुनरीक्षण समिति के लिए और पांच अन्य तीन जिला शुल्क अपीलीय समितियों के लिए कार्य करेंगे।
भाषा जितेंद्र माधव
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