नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के सांस्कृतिक और साहित्यिक उत्सव ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ का शुक्रवार को उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय यह आयोजन भारत की सभ्यतागत निरंतरता और आधुनिकता को सांस्कृतिक मूल्यों के साथ संतुलित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
एक बयान के अनुसार, इंडिया गेट के पास मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में दो से चार जनवरी तक आयोजित होने वाले ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली के कला, संस्कृति, भाषा एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा की उपस्थिति में किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि ‘शब्दोत्सव’ भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य के साथ जुड़ाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “वैदिक युग से लेकर डिजिटल युग तक भारत की यात्रा यहां प्रतिबिंबित होती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भारत अभ्युदय’ विषय पर आधारित यह महोत्सव सभ्यतागत नैतिकता में निहित भविष्योन्मुखी भारत को रेखांकित करता है।
केंद्रीय मंत्री मल्होत्रा ने कहा कि यह महोत्सव पुस्तकों और साहित्य से परे जाकर भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
वहीं, कपिल मिश्रा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को न केवल देश की राजनीतिक राजधानी, बल्कि सांस्कृतिक राजधानी के रूप में भी स्थापित करना है।
भाषा
शुभम पारुल
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