हैदराबाद, एक मई (भाषा) भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने शुक्रवार को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई ‘भारी’ को केंद्र सरकार से तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने इस बढोतरी को गरीबों और कामकाजी वर्गों पर भारी बोझ करार दिया।
इस कदम को ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रमिकों को दिया गया मई दिवस का उपहार’ बताते हुए के. टी. आर. ने कहा कि श्रमिकों की मदद करने के बजाय केंद्र ने उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल दिया है।
यहां तेलंगाना भवन में मई दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राव ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में एक ही बार में लगभग 1,000 रुपये की वृद्धि करने के लिए निशाना साधा और इसे ‘देश के इतिहास में अभूतपूर्व’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी से आम आदमी बुरी तरह प्रभावित होगा और बढ़ती लागत से पहले से ही जूझ रहे परिवारों की रीढ टूट जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘होटलों और छोटे व्यवसायों में काम करने वाले लोग और स्वरोजगार कर रहे व्यक्ति इस मनमानी वृद्धि से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।’
शुक्रवार को वाणिज्यिक एलपीजी के दाम में 993 रुपये प्रति 19 किलोग्राम सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई, जो अब तक की सबसे तेज वृद्धि मानी जा रही है। यह लगातार तीसरा महीना है जब कीमतों में इजाफा हुआ है।
नई दरों के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला वाणिज्यिक सिलेंडर अब 3,071.5 रुपये में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 2,078.50 रुपये थी। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
भाषा
शुभम पवनेश
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