देहरादून, 26 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वैज्ञानिक पर हमला करने के आरोपी बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर गुंडा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अग्रवाल को देहरादून से जिला बदर किए जाने की भी संभावना है।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने हिंसा तथा खुलेआम लोगों को प्रताड़ित करने की घटनाओं में अग्रवाल की संलिप्तता का स्वतः संज्ञान लिया है और कार्यवाही शुरू की है ।
बयान के अनुसार सहस्रधारा रोड पर एटीएस कॉलोनी के निवासी बिल्डर को अपना जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है और ऐसा करने में विफल रहने पर उसे औपचारिक रूप से जिला बदर करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी ।
बिल्डर के खिलाफ यह कार्रवाई हाल में हुई एक घटना के बाद की गई है जिसमें अग्रवाल पर डीआरडीओ के वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा पर हमला करने का आरोप है।
नगर निगम की भूमि पर अवैध निर्माण के दौरान मलबा शर्मा के मकान में गिर रहा था जिसका विरोध करने पर अग्रवाल ने शर्मा से कथित रूप से मारपीट की। फलस्वरूप शर्मा के कान में चोटें आयीं ।
अग्रवाल पर वर्तमान मे भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत पांच प्राथमिकी दर्ज हैं जिनमें धाराएं 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी देना), 74 (गरिमा पर हमला करना) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) शामिल हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि दीवाली समारोह के दौरान नाबालिगों पर पिस्तौल लहराने के आरोप में जिलाधिकारी ने पहले ही अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
यह भी बताया गया है कि बिल्डर के खिलाफ अन्य आरोपों में लोगों को अपने वाहन से टक्कर मारने का प्रयास करना, एटीएस कॉलोनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की बैठकों के दौरान अपशब्दों का प्रयोग करना और जाली दस्तावेजों के माध्यम से एक विधवा की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करना शामिल है।
जिला प्रशासन के अनुसार, रायपुर पुलिस को नोटिस तामील करवाने और पांच मई को सुनवाई से पहले उसका अनुपालन दर्ज करवाने के निर्देश किए हैं।
बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एटीएस कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को धरना प्रदर्शन भी किया था ।
भाषा दीप्ति राजकुमार
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