केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 16 फरवरी (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिला स्थित एक गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में तीन महीने से जारी जातिगत विवाद सोमवार को उस वक्त समाप्त हो गया, जब अगड़ी जाति के बच्चों ने उक्त केंद्र में एक दलित महिला सहायिका द्वारा पकाया गया खाना खाया।
नामांकित 20 बच्चों में से 16 बच्चे अपने माता-पिता के साथ गलीमाला ग्राम पंचायत अंतर्गत नुगांव ग्राम स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आए और सहायिका द्वारा बनाया गया भोजन खाया, जबकि अनुपस्थित बच्चों ने खुद के बीमार होने की सूचना दी।
पिछले साल 21 नवंबर से आंगनवाड़ी केंद्र बंद था, क्योंकि वहां शर्मिष्ठा सेठी नामक एक दलित महिला को सहायिका के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद, अगड़ी जाति के कई परिवारों ने अपने बच्चों को केंद्र में भेजने से इनकार कर दिया था और यहां तक कि गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सरकार द्वारा आपूर्ति किये गए पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी नहीं लिए।
जातिगत विवाद ने देशभर में रोष पैदा कर दिया और यह मामला संसद में भी उठा, जहां कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यस्थल पर जातिगत भेदभाव को लेकर चिंता व्यक्त की।
सोमवार को केंद्रपाड़ा बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) दीपाली मिश्रा और राजनगर विधायक ध्रुबा चरण साहू बच्चों का स्वागत करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित थे।
सेठी ने कहा, ‘‘मैंने बच्चों को रागी के लड्डू परोसे। बाद में, मैंने चावल और दालमा (सब्जी की करी) बनाई और परोसी। उन्हें खाना खाते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। वे खिलौनों से भी खेले, जिससे केंद्र में फिर से रौनक लौट आई, जो लगभग तीन महीने से वीरान पड़ा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि अब गांव में जातिगत भेदभाव देखने को नहीं मिलेगा।’’
सीडीपीओ मिश्रा ने बताया कि अभिभावकों के साथ आये बच्चे केंद्र में खुश नजर आए।
मिश्रा ने कहा, ‘‘शर्मिष्ठा सेठी को आंगनवाड़ी केंद्र की सहायिका नियुक्त किये जाने पर कुछ ग्रामीणों की नाराजगी के कारण केंद्र लगभग तीन महीने तक बच्चों के बिना ही संचालित हुआ। अब केंद्र में रौनक लौट आई है।’’
अनुपस्थित बच्चों के बारे में सीडीपीओ ने बताया कि वे अस्वस्थ होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि विवाद सुलझ जाने के बाद अब अनुपस्थित बच्चे मंगलवार को केंद्र आएंगे। लोगों ने मतभेदों को भुलाने का फैसला किया है। यह उत्साहजनक है।’’
राजनगर विधायक ध्रुब चरण साहू ने कहा, ‘‘यह मुद्दा अब बीती बात हो गई है। मुझे उम्मीद है कि ग्रामीणों के बीच सौहार्द बरकरार रहेगा।’’
केंद्रपाड़ा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नुगांव आंगनवाड़ी में आज बच्चों को पौष्टिक भोजन करते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने कल वहां का दौरा किया था और स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों के साथ दोपहर का भोजन किया। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समुदाय को एकजुट होते देखना उत्साहजनक था।’’
ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पांडा और अगड़ी जाति के अन्य ग्रामीण रविवार को एक भोज में शामिल हुए, जहां सेठी ने आगंतुकों को भोजन परोसा।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) की सदस्य सुजाता नायक ने बच्चों की केंद्र में वापसी का स्वागत किया और कहा कि आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से एक जागरूकता अभियान शुरू करेगा।
केंद्रपाड़ा जिले के उप जिलाधिकारी अरुण नायक ने पूर्व में कहा था कि एससीपीसीआर और ओडिशा राज्य महिला आयोग के सदस्यों समेत सभी हितधारकों की उपस्थिति में इस मामले का समाधान किया गया।
भाषा सुभाष देवेंद्र
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