खुद को पीएमओ का अवर सचिव बताने वाले शख्स के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला

Ads

खुद को पीएमओ का अवर सचिव बताने वाले शख्स के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला

  •  
  • Publish Date - June 4, 2026 / 05:18 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 05:18 PM IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अवर सचिव का फर्जी रूप धारण करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की पहचान पी इलांगोवन के रूप में हुई है। पीएमओ से मिली एक शिकायत के बाद उसके खिलाफ यह जांच शुरू की गई थी।

यह पूरा मामला पीएमओ को मिले एक शादी के निमंत्रण पत्र से उजागर हुआ, जिसमें इलांगोवन को प्रधानमंत्री कार्यालय में अवर सचिव के रूप में कार्यरत दर्शाया गया था।

पीएमओ की शिकायत में कहा गया है, ‘पीएमओ के सहायक निदेशक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रथम दृष्टया यह प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी का फर्जी रूप धारण करने का मामला प्रतीत होता है, क्योंकि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, ‘थिरु पी इलांगोवन’ नाम के किसी भी व्यक्ति ने आज तक पीएमओ में काम नहीं किया है।’

इस शिकायत के आधार पर सीबीआई ने आठ जनवरी को एक प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि इलांगोवन ने साल 2023 में ‘हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती’ (एचआर-सीई) विभाग के संयुक्त आयुक्त वी कुमारेशन को फोन किया था और खुद को झूठा ही पीएमओ का अधिकारी बताया था।

उसने तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में स्थित अन्नामलाई मंदिर में अपने रिश्तेदारों के लिए ‘वीआईपी दर्शन’ की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था, जिसे कुमारेशन ने सद्भावना के तहत स्वीकार कर लिया था। इसके बाद भी वह लगातार ऐसे अनुरोध करता रहा और कुमारेशन उसे पीएमओ का अधिकारी समझकर मंजूरी देते रहे।

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, ‘जांच के दौरान पाया गया कि पी इलांगोवन ने वी कुमारेशन को अपने बेटे की शादी (जो नौ अप्रैल 2025 को तय थी) का एक ऐसा निमंत्रण पत्र भेजने के लिए राजी किया, जिसमें पी इलांगोवन को कुमारेशन के परिवार के सदस्य के रूप में दिखाया गया था। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि वह अपने कथित कार्यालय (पीएमओ) से छुट्टी ले सके।’

इसके बाद कुमारेशन द्वारा यह निमंत्रण पत्र पीएमओ भेजा गया, जिससे इलांगोवन के इस धोखे का भंडाफोड़ हो गया और सीबीआई ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

भाषा सुमित मनीषा

मनीषा