नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्रों ने मंगलवार को भले ही कुछ चिंता और घबराहट के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश केंद्र में प्रवेश किया हो किंतु 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा देकर वे राहत एवं आत्मविश्वास के साथ बाहर निकले तथा उनमें से कई ने पेपर को आसान से लेकर मिलाजुला बताया।
परीक्षार्थियों के अनुसार, प्रश्नपत्र बहुत हद तक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम पर आधारित थे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं मंगलवार को देशभर में शुरू हुईं। 10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च को और 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल को समाप्त होंगी।
एयर फोर्स बाल भारती विद्यालय की 10वीं की छात्रा ओमिषा ढौंडियाल ने मानक गणित’ की परीक्षा दी। छात्रा ने बताया कि प्रश्नपत्र देखने के बाद उनकी घबराहट दूर हो गई।
उसने कहा, ‘परीक्षा से पहले बहुत चिंता थी लेकिन प्रश्नपत्र पढ़ने के दौरान मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया। प्रश्नपत्र पिछले साल की तुलना में काफी आसान था और मैंने समय से पहले ही इसे पूरा कर लिया।’
उसने यह भी बताया कि उसके पास अपने उत्तरों को फिर से पढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय था।
दिल्ली पब्लिक स्कूल की 10वीं की छात्रा निष्ठा ने प्रश्नपत्र को बहुत स्पष्ट बताया। उसेने कहा, ‘ज्यादातर सवाल सीधे एनसीईआरटी से थे और केस-स्टडी वाले प्रश्न भी आसान थे। अन्य सभी की तरह मैं भी शुरु में घबरायी हुई थी पर पेपर ऐसा था जिसे हल किया जा सकता था।’
सेट-2 का प्रश्नपत्र हल करने वाले 12वीं कक्षा के छात्र ओशन ने बताया कि इस बार बहुविकल्पीय प्रश्न भी पेचीदा नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर बहुविकल्पीय प्रश्न कठिन होते हैं लेकिन इस साल वे आसान थे। कुल मिलाकर प्रश्नपत्र एनसीईआरटी आधारित तथा हल किया जा सकने योग्य था।’
कई छात्रों का कहना है कि अपेक्षाकृत आसान प्रश्नपत्र मिलने से बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत सकारात्मक रही। कुछ छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का विश्वास भी जताया है।
भाषा
प्रचेता माधव
माधव