नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परीक्षा परिणाम में ‘‘बहुत बड़ी हेरफेर’’ होने का आरोप लगाया और ‘‘पूरे घोटाले’’ की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच तथा विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की।
गांधी ने सरकार से सवाल पूछा कि आखिर सीबीएसई का ठेका ‘सीओईएमपीटी’ को क्यों दिया गया, जबकि यह कंपनी पहले ‘ग्लोबरीना’ नाम से काम करते हुए विवादों में घिर चुकी थी।
उन्होंने यह भी पूछा कि सीओईएमपीटी प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर किस प्रकार का संबंध है।
गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सीबीएसई परीक्षा परिणाम में बहुत बड़ी हेरफेर हुई, जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।’’
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘और (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी? हमेशा की तरह – न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।’’
उन्होंने दावा किया कि जिस कंपनी सीओईएमपीटी को यह जिम्मेदारी मिली, वह पहले ‘ग्लोबरीना’ के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि नाम बदला लेकिन नीयत वही और फितरत वही रही।
गांधी ने दावा किया कि इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘यह गलती नहीं – यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।’’
गांधी ने सरकार से पूछा, ‘‘कुछ जरूरी सवाल हैं: सीओईएमपीटी को सीबीएसई का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया? कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को यह ठेका दिया गया’’
उन्होंने कहा, ‘‘सीओईएमपीटी पहले ग्लोबरीना के नाम से विवादों में घिर चुकी है, यह सीबीएसई को क्यों नहीं पता चला? इतिहास क्यों नहीं खंगाला गया? सीओईएमपीटी प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?’’
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी का गठन तत्काल किया जाए।’’
गांधी ने कहा, ‘‘सीबीएसई के जेन जेड साथियों- आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।’’
उन्होंने न्यायिक जांच और एसआईटी गठन की मांग करते हुए एक वीडियो बयान भी जारी किया।
कांग्रेस ने बुधवार को सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि ‘‘मंत्री प्रधान का अपने पद से चिपके रहना’’ तथा ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा उनका बचाव किया जाना शर्मनाक है।’’
विपक्षी दल ने एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहरायी।
यह विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों ने अंकन में गड़बड़ी के आरोप लगाए तथा यह दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। इससे ओएसएम प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
सीबीएसई सूत्रों ने कहा कि बोर्ड सभी शिकायतों की सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रहा है।
भाषा गोला मनीषा
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