नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि इस साल जनवरी से 15 जुलाई के बीच 15 लाख से अधिक जन-शिकायतें मिली हैं।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने लोक शिकायत निवारण की क्षमता, गुणवत्ता और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए ‘केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली’ (सीपीग्रैम्स) को मजबूत करने के संबंध में कई कदम उठाए हैं। इनमें 10 चरणों में सुधारों को लागू करना और अगस्त 2024 में शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल का मकसद शिकायत निवारण के समय को 30 दिन से घटाकर 21 दिन करना और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समीक्षा बैठक व्यवस्था शुरू करना था।
सिंह ने कहा, ‘‘साल 2026 में (1 जनवरी से 15 जुलाई 2026 तक), सीपीग्रैम्स पर 15,20,576 जन-शिकायतें मिलीं और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के लिए सीपीग्रैम्स पर शिकायतों के समाधान का औसत निस्तारण समय 13 दिन था।’’
एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट’ (जीवन प्रमाण) ने आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और पेंशन देने वाले अधिकारियों के पास रिकॉर्ड के सिस्टम-आधारित अपडेट के ज़रिए सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है।
उन्होंने कहा कि इससे पेंशन का भुगतान बिना किसी रुकावट के जारी रहता है और पेंशनभोगियों को उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए सूचना भी मिलती है।
भाषा वैभव सुभाष
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