केंद्र ने जनसांख्यिकी परिवर्तन पर उच्चस्तरीय समिति गठित की

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केंद्र ने जनसांख्यिकी परिवर्तन पर उच्चस्तरीय समिति गठित की

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 05:10 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र ने अवैध अप्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का व्यापक आकलन करने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से असामान्य जनसांख्यिकी परिवर्तन किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘जनसांख्यिकी परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमेटी का गठन कर लिया है।’’

उन्होंने कहा कि समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) करेंगे और कमेटी में जनगणना आयुक्त के साथ दुर्गा शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी), बालाजी श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी) और डॉ. शमिका रवि समिति सदस्य के तौर पर होंगे।

उन्होंने कहा कि संयुक्त सचिव (विदेशी-1), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि जनसांख्यिकी परिवर्तन ‘‘हमारी संप्रभुता के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह कमेटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकी परिवर्तन का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों की पद्धति का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।’’

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप