छत्तीसगढ़: राजस्व अधिकारी का भाजपा विधायक पर हमले का आरोप, दोनों पक्षों ने शिकायतें दर्ज कराईं

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छत्तीसगढ़: राजस्व अधिकारी का भाजपा विधायक पर हमले का आरोप, दोनों पक्षों ने शिकायतें दर्ज कराईं

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 12:27 AM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 12:27 AM IST

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), 27 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक राजस्व अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार माणिक ने सीतापुर विधानसभा सीट से विधायक राजकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं विधायक टोप्पो की चचेरी बहन ने नायब तहसीलदार माणिक पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं और पुलिस जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

बुधवार देर शाम अंबिकापुर में संवाददाताओं से बात करते हुए वसंत ने बताया कि दिन में पहले विधायक टोप्पो ने उन्हें फोन पर सीतापुर इलाके के राजापुर के नायब तहसीलदार द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत सीतापुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) फागेश सिन्हा को मौके पर जाकर स्थिति की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

वसंत ने बताया, ‘बाद में, नायब तहसीलदार और एसडीएम ने मुझे फोन पर बताया कि नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की गई है। इसके बाद, दोनों अंबिकापुर में मेरे दफ़्तर आए और मुझे घटना के बारे में विस्तार से बताया।’

उन्होंने बताया, ‘नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की है। दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई हैं और पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।’

संवाददाताओं से बातचीत में माणिक ने बताया कि बीते रविवार को विधायक के एक समर्थक ने उन्हें कैदियों (पैरोल से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए) के लिए जरूरी ‘शोध क्षमता प्रमाण पत्र’ (सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट) जारी करने के संबंध में फोन किया था।

उन्होंने बताया कि सोमवार और मंगलवार को उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वह बुधवार को दफ्तर आए।

माणिक ने बताया कि बुधवार को एक बुज़ुर्ग महिला प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेज़ लेकर उनके दफ़्तर आई थीं, लेकिन जेल विभाग के पत्र के साथ लगा जरूरी फ़ॉर्मेट अधूरा था।

उन्होंने बताया, ”मैंने उस महिला से फॉर्म भरवाने को कहा। बाद में एक और महिला आई और जिद करने लगी कि मैं दस्तावेज पर तुरंत दस्तखत करूं। मैंने उससे कहा कि मेरा रीडर (सहायक) आज गैर-हाज़िर है और कल वापस आएगा, जिसके बाद दस्तखत की प्रक्रिया ठीक से पूरी की जा सकेगी।”

अधिकारी ने इस दौरान महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया।

माणिक ने दावा किया कि बाद में उन्हें विधायक के निजी सहायक का फोन आया, जिसमें उन्हें विधायक से राजापुर में मिलने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि एसडीएम फगेश सिन्हा उनके साथ वहां गए।

नायब तहसीलदार ने बताया, ‘‘जब हम वहां पहुंचे, तो विधायक 10-20 समर्थकों के साथ खड़े थे। तभी उनके कुछ समर्थकों ने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया। उसके बाद विधायक ने मुझे बाहर खींच लिया। फिर उन्होंने उस महिला (सीमा ढांकी) को बुलाया, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह उनकी चचेरी बहन है, और मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी। फिर विधायक ने भी मुझ पर हमला किया। एसडीएम ने बीच-बचाव किया और मुझे वहां से बचाया।’’

उन्होंने बताया कि वह अंबिकापुर पुलिस थाने में विधायक और उनके समर्थकों के ख़िलाफ मामला दर्ज करवाने जा रहे हैं।

एसडीएम फगेश सिन्हा ने भी संवाददाताओं से पुष्टि की कि माणिक पर कथित तौर पर विधायक और उनके समर्थकों ने हमला किया था।

इस बीच, विधायक की चचेरी बहन सीमा ढांकी ने राजस्व अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने और जाति-सूचक टिप्पणियां करते हुए गाली-गलौज करने का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि उन्होंने 14 मई को सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट (आर्थिक स्थिति का प्रमाण पत्र) के लिए आवेदन किया था और इस सिलसिले में दो-तीन बार तहसील कार्यालय का चक्कर लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, ”जब मैं आज कार्यालय गई, तो माणिक ने मुझसे बदतमीज़ी से बात की और मेरा काम करने से मना कर दिया। उन्होंने मुझे धक्का दिया, गाली-गलौज की, जाति-सूचक टिप्पणियां कीं और मेरे साथ अनुचित व्यवहार किया।”

ढांकी ने बताया कि उन्होंने सीतापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।

हालांक, उन्होंने इस आरोप से इनकार किया कि राजस्व अधिकारी पर हमला किया गया।

बार-बार कोशिश करने के बावजूद विधायक से उनकी प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं हो पाया।

भाषा सं संजीव शोभना

शोभना