चिदंबरम का बयान दिखाता है कि उनके कार्यकाल में नक्सलवाद क्यों ‘फला-फूला’: गुजरात के उप मुख्यमंत्री

Ads

चिदंबरम का बयान दिखाता है कि उनके कार्यकाल में नक्सलवाद क्यों ‘फला-फूला’: गुजरात के उप मुख्यमंत्री

  •  
  • Publish Date - August 17, 2026 / 03:40 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 03:40 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

अहमदाबाद, 17 अगस्त (भाषा) गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ‘‘दिमागी नक्सल’’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह इस बात का सबूत है कि केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद क्यों और कैसे फला-फूला।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए ‘‘दिमागी नक्सलियों’’ को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ये लोग व्यवस्था में गहराई तक अपनी जगह बना चुके हैं और नीतियों को प्रभावित करके समाज के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।

इसके बाद चिदंबरम ने रविवार को पलटवार करते हुए कहा, ‘‘मुझे ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है!’’

संघवी ने रविवार शाम ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें कांग्रेस नेता की बातों से बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई क्योंकि ‘‘अब हमें पता चल गया है कि पी. चिदंबरम के गृह मंत्री रहते हुए और संप्रग सरकार के दौरान नक्सलवाद क्यों फला-फूला।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का रिकॉर्ड खुद सब कुछ बयां करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें पता है कि 2004-14 के दौरान नक्सलवाद से लड़ते हुए लगभग 1913 पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान क्यों मारे गए। अब हमें पता है कि संप्रग शासन के दौरान नक्सली हमलों में 5,019 से अधिक लोगों की जान क्यों गई।’’

संघवी ने आरोप लगाया कि अब यह साफ हो गया है कि उनके (चिदंबरम के) कार्यकाल में ‘‘नक्सलियों के 92 प्रतिशत हथियार पुलिस शस्त्रागारों से क्यों लूटे गए थे।’’

उप मुख्यमंत्री ने पोस्ट में लिखा, ‘‘अब हमें पता है कि 2013 में 182 जिले नक्सली हिंसा के शिकंजे में क्यों थे।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा कि देश जंगलों से ‘सशस्त्र नक्सलवाद’ को खत्म करने में सफल रहा है लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि इसके वैचारिक समर्थक हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने के मौके तलाश रहे हैं।

उन्होंने लोगों से ऐसे व्यक्तियों को ‘‘पहचानने और अलग-थलग करने’’ की अपील की।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेताओं को ‘‘दिमागी नक्सली’’ नहीं कह रहे थे बल्कि वह सिर्फ उन लोगों की बात कर रहे थे जो माओवादियों और अलगाववादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते।

भाषा सुरभि अविनाश

अविनाश