नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) मालदीव के पर्यटन और पर्यावरण राज्य मंत्री मुआवियाथ मोहम्मद के मुताबिक, जलवायु वार्ता में खंडित और एकतरफा सोच, और लक्ष्यों को प्राप्त करने में देरी ने भरोसा कम किया है और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने की दुनिया की काबिलियत को कमजोर किया है।
मोहम्मद ने बृहस्पतिवार को ‘द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट’ (टेरी) द्वारा आयोजित किए गए ‘वर्ल्ड सस्टेनेबल डेवलपमेंट समिट’ में अपने भाषण में कहा, ‘‘मालदीव के लिए, बहुपक्षवाद कोई अमूर्त विचार नहीं है, बल्कि अस्तित्व का मामला है। यह एक ऐसा देश है, जिसका 99 प्रतिशत से अधिक भाग समुद्र से जुड़ा है। इस सदी के आखिर तक समुद्र का स्तर एक मीटर तक बढ़ सकता है, जिसका आर्थिक और सामाजिक प्रभाव हो सकता है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक उत्सर्जन में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाले ‘ग्लोबल नॉर्थ’ को जिम्मेदारी उठानी चाहिए, जबकि छोटे द्वीपीय देशों जैसे सबसे कमजोर देशों को जलवायु वित्तपोषण तक पहुंच मिलनी चाहिए।’’
मोहम्मद की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई हैं जब जलवायु संकट से निपटने की दुनिया भर की कोशिशें कमजोर पड़ गई हैं, खासकर पिछले महीने अमेरिका के 66 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और समझौतों से हटने के बाद, जिसमें सबसे बड़ा कदम जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के रूपरेखा समझौते (यूएनएफसीसीसी) से हटना था।
भाषा वैभव पवनेश
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