कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी मामला: मप्र के मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी का इंतजार

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कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी मामला: मप्र के मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी का इंतजार

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 03:09 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 03:09 PM IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय को सोमवार को बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को निशाना बनाकर टिप्पणी करने के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ अभियोजन के लिए मंजूरी का इंतजार है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पूरी हो चुकी है और सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा गया है। हालांकि, अभियोजन मंजूरी का मुद्दा अभी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है।’

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘यह बताया गया है कि जैसे ही मंजूरी मिलती है, सक्षम अधिकार क्षेत्र वाली अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा। इसलिए, मंजूरी का मुद्दा अभी विचाराधीन है।’’

शीर्ष अदालत ने इन दलीलों का संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनींदर सिंह ने कहा कि मंत्री ने अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और अदालत से अनुरोध किया कि उनकी माफी पर विचार किया जाए।

पीठ ने कहा कि जांच रिपोर्ट अंततः सक्षम प्राधिकारी के पास जानी है।

गत 28 जुलाई, 2025 को शीर्ष अदालत ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक माफी दर्ज नहीं कराने पर शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’

अदालत ने कहा था कि मंत्री के आचरण से उसके इरादों और नेक नीयत को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।

इससे पहले शाह के वकील ने दलील दी थी कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी, जिसे ऑनलाइन साझा किया गया था और अदालत के रिकॉर्ड में भी रखा जाएगा।

गत 28 मई, 2025 को शीर्ष अदालत ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर शाह के विरुद्ध मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में जारी कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया था और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।

इससे पहले शीर्ष अदालत ने शाह को फटकार लगाते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।

शाह उस समय विवादों में घिर गए थे, जब एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्हें कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते देखा गया था। कर्नल कुरैशी ऑपरेशन सिंदूर पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ प्रमुखता से सामने आई थीं।

उच्च न्यायालय ने शाह की टिप्पणियों को ‘अपमानजनक’ बताते हुए उन्हें फटकार लगाई थी और कहा था कि उन्होंने कर्नल कुरैशी के खिलाफ ‘घटिया भाषा’ का इस्तेमाल किया। अदालत ने पुलिस को उनके खिलाफ वैमनस्य और घृणा फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।

कड़ी आलोचना के बाद शाह ने खेद जताया था और कहा था कि वह कर्नल कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं।

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए मई 2025 में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत निशाना बनाया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।

भाषा अमित नरेश

नरेश