कांग्रेस, आप, राजद ने “थ्री इडियट्स” से जुड़े स्पष्टीकरण के लिए आमिर खान की आलोचना की

कांग्रेस, आप, राजद ने “थ्री इडियट्स” से जुड़े स्पष्टीकरण के लिए आमिर खान की आलोचना की

कांग्रेस, आप, राजद ने “थ्री इडियट्स” से जुड़े स्पष्टीकरण के लिए आमिर खान की आलोचना की
Modified Date: July 17, 2026 / 09:10 pm IST
Published Date: July 17, 2026 9:10 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने शुक्रवार को अभिनेता आमिर खान के इस बयान पर सवाल उठाए कि फिल्म ‘3 इडियट्स’ में उनका किरदार शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था।

नेताओं ने आरोप लगाया कि खान सरकार के डर से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने से बच रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने आमिर खान के सफाई देने के समय पर सवाल उठाया।

उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा से कहा, ‘‘उन्हें यह कहने में कितने साल लग गए? अब तक सभी जानते थे कि (वांगचुक के जीवन से ‘3 इडियट्स’ के एक किरदार को प्रेरणा मिली थी)। यह दिखाता है कि सत्तासीन लोगों के सामने अपनी रीढ़ सीधी रखना आसान नहीं है।’’

झा ने वांगचुक के अनशन का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है, क्योंकि ‘‘ऐसी सत्ता के सामने अनशन करने का कोई फायदा नहीं है, जिसमें संवेदना की कमी हो।’’

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी अभिनेता की आलोचना की।

उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘चाहे आमिर खान हों या कोई और इस मोदी सरकार ने सबके चरित्र को उजागर कर दिया है। सभी इसके सामने झुक गए हैं। उनमें बोलने का साहस नहीं है।’’

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि खान को ‘बिना डर के बोलने का तरीका अभिनेता नसीरुद्दीन शाह से सीखना चाहिए’ और कम से कम वांगचुक के प्रति सहानुभूति तो दिखानी चाहिए।

दलवई ने ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा से कहा, ‘मैं आमिर खान का अभिनेता और निर्माता के रूप में सम्मान करता हूं, लेकिन डरने की क्या बात है। कम से कम वांगचुक के प्रति थोड़ी सहानुभूति तो दिखाएं।’

खान ने कहा था कि 2009 में आई फिल्म ‘3 इडियट्स’ में उनका किरदार वांगचुक पर आधारित नहीं था।

लंदन भारतीय फिल्म महोत्सव में सवाल-जवाब के दौरान खान ने कहा कि फिल्म बनाते समय न तो उन्हें, न ही निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही लेखक अभिजात जोशी को वांगचुक के बारे में जानकारी थी।

खान ने कहा, ‘नहीं, यह सही नहीं है। यह एक गलत धारणा है। जब हम फिल्म ‘3 इडियट्स’ बना रहे थे, तब मैं सोनम जी के बारे में नहीं जानता था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि न तो राजू (राजकुमार हिरानी), न ही फिल्म के लेखक अभिजात और न ही मैं सोनम को जानता था। हालांकि, सोनम जी जो काम कर रहे हैं, वह अच्छा काम है। उनका सम्मान करने और उनके काम की सराहना करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि थ्री इडियट्स के किरदार का जिक्र किया जाए।’

अभिनेता ने वांगचुक से अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने की अपील भी की और कहा कि सभी लोग उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं।

खान के बयान वांगचुक द्वारा 2018 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बताए गए घटनाक्रम से अलग हैं। उस समय वांगचुक ने कहा था कि उन्होंने 2008 में मुंबई में सीएनएन-आईबीएन रियल हीरोज अवॉर्ड्स के दौरान आमिर खान से मुलाकात की थी।

वांगचुक के अनुसार, उन्होंने आमिर खान से सियाचिन पर फिल्म बनाने के विचार और अपने कामकाज पर बनी एक ‘डॉक्यूमेंट्री’ के बारे में चर्चा की थी, जिसकी स्क्रीनिंग उस कार्यक्रम में हुई थी, जहां आमिर खान मौजूद थे।

वांगचुक ने कहा था कि दिसंबर 2009 में दोस्तों और पत्रकारों से उन्हें पता चला कि उनपर एक फिल्म बनाई गई है और उसमें उनके स्कूल को दिखाया गया है। ‍वांगचुक ने कहा था कि जब उन्होंने अपने स्कूल से जानकारी ली, तो पता चला कि फिल्म की टीम वहां आई थी, लेकिन उन्हें शूटिंग की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि वे बहुत अधिक प्लास्टिक का इस्तेमाल करना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि बाद में फिल्म की शूटिंग पास के एक अन्य स्कूल में की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि बाद में उन्हें पता चला कि फिल्म टीम का दौरा अप्रैल 2008 में हुआ था और फिल्म की शूटिंग उसी साल अगस्त में शुरू हुई थी।

वांगचुक ने कहा था, ‘इस बात और फिल्म के बीच क्या संबंध है, इसका फैसला मैं आप लोगों (जनता) पर छोड़ता हूं।’

जलवायु कार्यकर्ता ने बताया था कि शुरुआत में उन्होंने फिल्म निर्माताओं को पत्र लिखने का फैसला नहीं किया, क्योंकि उस समय फिल्म निर्माताओं और लेखक चेतन भगत के बीच कहानी का श्रेय लेने को लेकर विवाद जारी था।

उन्होंने बताया था कि उन्हें डर था कि उनका पत्र पैसों के लिए दावे के रूप में देखा जाएगा।

उन्होंने कहा था कि करीब दो साल बाद उन्होंने फिल्म निर्माताओं को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने याद दिलाया कि उनकी मुलाकात हुई थी।

वांगचुक ने बताया था कि उन्होंने पत्र में फिल्म का जिक्र किया था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। वह कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जिसमें राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में हुईं कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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