कोलकाता हवाई अड्डे के पास निषेधाज्ञा लागू, पूर्व मंत्री ने विशाल जनसभा का आह्वान वापस लिया

कोलकाता हवाई अड्डे के पास निषेधाज्ञा लागू, पूर्व मंत्री ने विशाल जनसभा का आह्वान वापस लिया

कोलकाता हवाई अड्डे के पास निषेधाज्ञा लागू, पूर्व मंत्री ने विशाल जनसभा का आह्वान वापस लिया
Modified Date: July 17, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: July 17, 2026 10:39 pm IST

कोलकाता, 17 जुलाई (भाषा) कोलकाता हवाईअड्डा परिसर में स्थित मस्जिद के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी की शक्ति प्रदर्शन की योजना शुक्रवार को पुलिस द्वारा इलाके में निषेधाज्ञा लागू किए जाने के बाद विफल हो गई। इसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता ने बड़े पैमाने पर सभा आयोजित करने का आह्वान वापस ले लिया।

चौधरी ने गौरीपुर जामा मस्जिद के स्थानांतरण और नमाज पर कथित पाबंदियों के विरोध में ‘एक करोड़ लोगों’’ की सभा बुलाने का आह्वान किया था। हालांकि, विधाननगर पुलिस आयुक्तालय द्वारा बांकड़ा इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू किए जाने के बाद उन्होंने कार्यक्रम वापस ले लिया। इस धारा के तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई थी।

पुलिस ने इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केंद्रीय बलों की दो कंपनियों और करीब 250 राज्य पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

पश्चिम बंगाल जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष चौधरी दोपहर करीब 12 बजे बांकड़ा पहुंचे और स्थानीय लोगों से संक्षिप्त बातचीत करने के बाद वहां से चले गए। बाद में उन्होंने कहा कि वह विधाननगर पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर यह जानेंगे कि क्या सभा आयोजित करने की अनुमति दी जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, प्रस्तावित सभा के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी।

पुलिस की कार्रवाई के बाद चौधरी ने घोषणा की कि कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और नमाज कहीं अन्य स्थान पर अदा की जाएगी।

यह घटनाक्रम हवाईअड्डे के उच्च सुरक्षा वाले परिसर में स्थित एक सदी से अधिक पुरानी मस्जिद को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच सामने आया है। भाजपा सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया है, जबकि चौधरी और मस्जिद समिति का आरोप है कि अधिकारियों ने बिना परामर्श धार्मिक अधिकारों को सीमित किया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले मस्जिद तक पहुंच पर लगाए गए प्रतिबंधों का बचाव करते हुए कहा था कि किसी को भी धर्म पालन से नहीं रोका जा रहा है, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की सुरक्षा सर्वोपरि है।

अधिकारी ने कहा था, ‘‘हमने किसी को भी धर्म पालन से नहीं रोका है। राष्ट्रीय सुरक्षा और हवाईअड्डे की सुरक्षा सबसे ऊपर है।’’ उन्होंने तर्क दिया था कि हवाईअड्डे के रणनीतिक महत्व को देखते हुए परिसर में बिना रोक-टोक लोगों की आवाजाही स्वीकार्य नहीं हो सकती।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब हवाईअड्डा प्राधिकरण ने मरम्मत कार्य का हवाला देते हुए गौरीपुर जामा मस्जिद में सामूहिक नमाज पर अस्थायी रूप से तीन दिन के लिए रोक लगा दी थी। इसके बाद भाजपा नेताओं द्वारा उच्च सुरक्षा वाले परिसर में आम लोगों की निर्बाध आवाजाही को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया।

भाजपा का कहना है कि हवाईअड्डा परिसर के भीतर मस्जिद की मौजूदगी से संचालन और सुरक्षा प्रभावित होती है।

भाजपा ने चौधरी द्वारा प्रदर्शन वापस लिए जाने को सरकार की सख्ती का प्रमाण बताया।

दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरभ सिकदर ने चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जिस व्यक्ति के पास 10 लोगों का भी समर्थन नहीं है, वह एक करोड़ लोगों की बात कैसे कर सकता है?’

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि प्रस्तावित स्थानांतरण किसी विशेष धर्म के खिलाफ कदम नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘अगर वहां हनुमान मंदिर भी होता, तो उसे भी स्थानांतरित किया जाता। पश्चिम बंगाल में अब ‘बाबर शैली’ की सरकार नहीं है। शुभेंदु अधिकारी सब कुछ संभाल लेंगे।’

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप


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