(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, पांच अप्रैल (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कांग्रेस पर स्वतंत्रता के बाद से असम की जनता के साथ पांच बड़े पाप करने का आरोप लगाया।
चौहान ने बोकाखाट और नाडुआ में दो चुनावी रैलियों में अपने संबोधन में आरोप लगाया कि 1947 में विभाजन के दौरान कांग्रेस ‘असम को पाकिस्तान को सौंपने के पक्ष में’ थी, लेकिन राज्य के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की कि यह भारत का हिस्सा बना रहे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा किया गया दूसरा पाप 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान हुआ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ‘राज्य को उसकी तकदीर पर छोड़ दिया।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का तीसरा पाप ‘राज्य में घुसपैठियों को बसने देना और उन्हें संरक्षण देना’ था, जिससे उसके संसाधनों और रोजगार के अवसरों पर दबाव पड़ा, लेकिन भाजपा घुसपैठियों के चंगुल से सभी जमीनों को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने रोजगार के अवसर पैदा करने में ‘विफल’ रहकर चौथा पाप किया है, जिसके कारण युवाओं को रोजगार की तलाश में राज्य छोड़कर बाहर जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पार्टी का पांचवां और अंतिम पाप यह है कि इसने लोकतंत्र को ‘कमजोर’ किया और देश में वंशवादी शासन को ‘बढ़ावा’ दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को असम में चुनाव का प्रभार सौंपा था, लेकिन उनके आने के बाद वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बंटी हुई पार्टी है तो ऐसे में वह जनकल्याण और राज्य की प्रगति को कैसे सुनिश्चित कर सकती है, केवल भाजपा ही विकास के सफर को आगे ले जा सकती है।
चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक राज्य के चाय बागान श्रमिकों के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होंने बोकाखाट में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल असम गण परिषद (अगप) के उम्मीदवार और मंत्री अतुल बोरा तथा नादुआर में भाजपा उम्मीदवार पद्मा हजारिका के लिए प्रचार किया।
राज्य में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होंगे तथा मतों की गिनती चार मई को होगी।
भाषा राजकुमार संतोष
संतोष