लाठीचार्ज के लिए सरकार से माफी की मांग करते हुए कांग्रेस का बहिर्गमन, धरना

लाठीचार्ज के लिए सरकार से माफी की मांग करते हुए कांग्रेस का बहिर्गमन, धरना

लाठीचार्ज के लिए सरकार से माफी की मांग करते हुए कांग्रेस का बहिर्गमन, धरना
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: March 2, 2021 12:35 pm IST

गैरसैंण (उत्तराखंड), दो मार्च (भाषा) सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे घाट ब्लॉक के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना के लिए उत्तराखंड सरकार से माफी की मांग करते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को विधानसभा से बहिर्गमन किया और मुख्यद्वार पर धरना दिया ।

बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस सदस्य और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह द्वारा इस संबंध में उठाए गए मुद्दे पर जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने पहले मालसी में अवरोधक तोड़े और फिर दिवालीखाल में पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं जिसके बाद बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी ।

मंत्री ने कहा कि इस घटना में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं ।

हालांकि, मंत्री के आंदोलनकारियों द्वारा पत्थरबाजी करने और कांच की बोतलें फेंके जाने संबंधी बयान पर कांग्रेसी विधायकों ने नाराजगी जताई और नारेबाजी शुरू कर दी ।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने दिवालीखाल में प्रदर्शनकारियों पर की गयी कार्रवाई को राज्य सरकार का ‘बर्बर’ कदम बताया और उससे माफी मांगने को कहा । इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया ।

बाहर आकर कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष हृदयेश के नेतृत्व में विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दिया।

यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विधायक करण माहरा ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आए ग्रामीणों से राज्य सरकार को बात करनी चाहिए थी । उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री को उनकी बात सुनने मौके पर जाना चाहिए था या अपने किसी सहयोगी को वहां भेजना चाहिए था लेकिन इसकी बजाय उनपर पानी की बौछार की गई, लाठी चार्ज किया गया जिसमें गांव की निर्दोष महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया।

पिछले दो महीने से नंदप्रयाग—घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे घाट क्षेत्र के ग्रामीणों और पुलिस के बीच सोमवार को हुई तीखी झड़प को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री रावत ने घटना की जांच मजिस्ट्रेट से कराने का आदेश दिया है ।

भाषा सं दीप्ति अर्पणा

अर्पणा


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