कांग्रेस-झामुमो ‘वोट बैंक’ की राजनीति में लिप्त, आदिवासियों को बांटने की कोशिश कर रहे: मरांडी

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कांग्रेस-झामुमो ‘वोट बैंक’ की राजनीति में लिप्त, आदिवासियों को बांटने की कोशिश कर रहे: मरांडी

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 08:38 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 08:38 PM IST

(फोटो सहित)

रांची, 24 मई (भाषा) झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को कांग्रेस और झामुमो पर ‘‘वोट बैंक’’ की राजनीति करने और राज्य में आदिवासी समुदायों को ‘बांटने’ का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि छोटा नागपुर पठार क्षेत्र के आदिवासी समुदायों द्वारा प्रमुख रूप से माने जाने वाले सरना और सनातन धर्म में कोई अंतर नहीं, बल्कि समानता है।

मरांडी ने यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अपने वोट बैंक के लिए आदिवासी समुदायों को बांटने की राजनीति में लिप्त हैं।’’

मरांडी ने आरोप लगाया, ‘‘देश भर में जनता द्वारा कांग्रेस को नकारे जाने के कारण, पार्टी समाज को विभाजित करने की रणनीति अपना रही है। कांग्रेस नेताओं का यह आरोप कि भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) आदिवासियों को हिंदू बनाने की कोशिश कर रहे हैं, इन्हीं रणनीतियों का हिस्सा है। समाज को विभाजित करना और सत्ता हथियाना कांग्रेस के स्वभाव में ही निहित है।’’

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली में आयोजित आदिवासी कार्यक्रम की आलोचना करते हुए इसे भाजपा का ‘‘राजनीतिक स्टंट’’ करार दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ कार्यक्रम आरएसएस से जुड़े जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित किया गया और भाजपा इसका राजनीतिक लाभ उठाना चाहती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि देशभर में आदिवासी समुदायों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

मरांडी ने कहा, ‘‘सरना, सनातन धर्म और हिंदू धर्म में कोई अंतर नहीं है। बल्कि, उनमें समानता है। वे प्रकृति की पूजा करते हैं और साथ ही वृक्षों, पहाड़ों, जल और धरती माता की भी पूजा करते हैं।’’

भाषा आशीष सुभाष

सुभाष