तिरुवनंतपुरम, 22 जनवरी (भाषा) कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शबरिमला में सोने की चोरी के मामले को लेकर राज्य के देवास्वोम मंत्री वी. एन. वासवन के इस्तीफे की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को केरल विधानसभा की कार्यवाही बाधित की।
इस पर सत्ताधारी एलडीएफ ने विपक्ष पर जोरदार पलटवार किया।
एलडीएफ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी शबरिमला में सोना चोरी होने के मामले में शामिल थीं और उसने उन्हें गिरफ्तार कर इस मामले में उनसे पूछताछ करने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष ए. एन. शमसीर ने विपक्ष से कहा कि मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन संबंधी नोटिस पेश किए बिना विधानसभा में हंगामा करना ‘‘सही तरीका नहीं है’’ और न ही संसदीय लोकतंत्र के लिए सही है।
मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने नारेबाजी जारी रहने के बीच कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष विधानसभा की कार्यवाही जारी नहीं रहने देता चाहता क्योंकि उनके पास कुछ अन्य काम हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सदन आज के लिए स्थगित कर दिया जाए और फिर सदन की कार्यवाही 27 जनवरी को शुरू की जाए।
मुख्यमंत्री के सुझाव को स्वीकार करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही 27 जनवरी को फिर से शुरू होगी।
इससे पहले सुबह, सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने अध्यक्ष को बताया कि यूडीएफ अब भी शबरिमला में सोना चोरी होने के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछला सत्र समाप्त होने पर विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सदन का बहिष्कार किया था और वासवन के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है।
यूडीएफ के विरोध प्रदर्शन के जवाब में, राज्य के संसदीय कार्य एवं उत्पाद शुल्क मंत्री एम बी राजेश ने विपक्ष पर ‘कायर’ होने का आरोप लगाया।
राजेश ने यूडीएफ की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के पास सदन को स्थगित करने और इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए प्रस्ताव लाने का विकल्प है।
राजेश ने कहा, ‘‘ लेकिन वे इस मामले पर चर्चा करने से डरते हैं। वे सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने से हमेशा भागते रहे हैं। वे डरे हुए हैं और इसीलिए वे तख्तियां लेकर विधानसभा के गलियारे में जमा हो रहे हैं।’’
राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी सदन में एक प्रस्ताव का जवाब देने की कोशिश कर रहे थे, तभी विपक्ष द्वारा की जा रही नारेबाजी से नाराज होकर उन्होंने ‘‘कांग्रेस ने सोना चुराया’’ जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस मामले में सोनिया गांधी की भूमिका पर चुप्पी साधे हुए है और उन्होंने सोनिया गांधी को गिरफ्तार करने और उनसे पूछताछ किए जाने मांग की।
सदन की कार्यवाही सुबह 10 बजे स्थगित कर दी गई और अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर आगे की चर्चा 27 जनवरी को जारी रहेगी।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा