नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली की एक अदालत से अपील की है कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली अर्जी को खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका कानून का दुरुपयोग है।
उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक विचारधारा की मात्र आलोचना को अस्पष्ट रूप से ‘‘नफरती भाषण’’ और ‘‘मानहानि’’ की श्रेणी में रखा गया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह के समक्ष अपना जवाब दाखिल कर पुनर्विचार याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया।
अदालत उस वकील द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने दावा किया है कि खरगे ने 27 अप्रैल, 2023 को कर्नाटक में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी और उनकी टिप्पणी ‘‘स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य समूह के खिलाफ घृणास्पद भाषण और मानहानिकारक’’ थी।
पिछले साल दिसंबर में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश देने के अनुरोध वाली वकील की शिकायत को खारिज कर दिया था।
शिकायत का कोई आधार न होने पर जोर देते हुए, खरगे ने अपने जवाब में कहा कि पुनर्विचार याचिका कानून के तहत स्थापित प्रक्रिया का दुरुपयोग मात्र है, क्योंकि राजनीतिक विरोधियों की विचारधारा की मात्र आलोचना को अस्पष्ट रूप से घृणास्पद भाषण और मानहानि के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
भाषा शफीक नरेश
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