नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) राजधानी के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक केंद्रों में से एक कनॉट प्लेस और जनपथ क्षेत्र को सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के ‘चलो संसद’ मार्च का सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ा।
मार्च के मद्देनजर हजारों प्रदर्शनकारी इस क्षेत्र में उमड़ पड़े और कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया तथा सुरक्षा बलों के कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
संसद की ओर मार्च करने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सेंट्रल पार्क और उसके आसपास एकत्र हो गए तथा इनर सर्कल और आउटर सर्कल में फैल गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों के तीन-चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने कहा कि पथराव के कारण वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए।
जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, सुरक्षाकर्मियों ने खरीदारों और आगंतुकों से बार-बार क्षेत्र छोड़ने की अपील की।
कनॉट प्लेस में तैनात कर्मियों को परिवारों, पर्यटकों और आम लोगों से एहतियात के तौर पर बाजार खाली करने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का अनुरोध करते देखा गया।
सोशल मीडिया पर हिंसा के कई वीडियो सामने आए, जिनमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को वाहनों को नुकसान पहुंचाते, सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करते और बैरिकेड तोड़ने का प्रयास करते देखा जा सकता है। कुछ वीडियो में, स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागते हुए देखा गया।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि वायरल हुए सभी वीडियो की जांच की जा रही है और उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि करने तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस वाणिज्यिक केंद्र में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की भारी तैनाती देखी गई और प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर होने के बाद विभिन्न स्थानों पर फिर से एकत्र होने के कारण अतिरिक्त बल भेजे गए।
पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने जनपथ क्षेत्र में भी चार वाहनों, एक पेट्रोल पंप और एक दुकान के कांच की खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
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