चेन्नई, 21 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने मंगलवार को कहा कि गिरफ्तार द्रमुक विधायक जी.वी. मार्कंडेयन की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के बारे में टिप्पणी से लोगों में भारी आक्रोश है, और यदि कोई उनके पास लिखित शिकायत देता है तो वह उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।
विजय के बारे में मार्कंडेयन की विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर के बाहर किसी विधायक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को उनकी अनुमति लेने की जरूरत नहीं है, लेकिन गिरफ्तारी की जानकारी उन्हें जरूर देनी होगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘(मार्कंडेयन की) गिरफ्तारी के तुरंत बाद तूतीकोरिन जिले के पुलिस अधीक्षक ने मुझे इसकी सूचना दी।’’ प्रभाकर ने कहा कि विधानसभा के नियमों के मुताबिक, अगर किसी विधायक को विधानसभा परिसर या उनके अधिकार क्षेत्र वाले स्थान से गिरफ्तार करना हो, तो उनकी अनुमति लेने की जरूरत होगी।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सदस्य की विवादित टिप्पणियों को लेकर उनके कार्यालय में दी गई किसी भी औपचारिक लिखित शिकायत पर वह गौर करेंगे और विधानसभा के नियमों के अनुसार उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।
मार्कंडेयन की गिरफ्तारी और उनके कथित बयानों के बारे में पूछे जाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि ‘‘विधायक की टिप्पणियों से लोगों में आक्रोश है’’। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं कर सकते, बल्कि जांच शुरू करने के लिए एक औपचारिक लिखित शिकायत की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति या (विधानसभा) सदस्य ऐसी शिकायत दे सकता है।’’
विलाथिकुलम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले द्रमुक विधायक मार्कंडेयन को सोमवार को, मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर ‘‘हम तुम्हारी हड्डियां तोड़ देंगे’’ जैसी टिप्पणी करने को लेकर गिरफ्तार किया गया था।
कई घंटे तक पूछताछ के बाद पुलिस ने विधायक को स्थानीय अदालत में पेश किया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
द्रमुक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस टिप्पणी को ‘‘राजनीतिक आलोचना’’ करार देते हुए पुलिस कार्रवाई की निंदा की और इसके अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘तमिलनाडु में कानून का शासन है या फिर शैतान का शासन?’’
द्रमुक विधायक मार्कंडेयन ने 18 जुलाई को कोविलपट्टी में एक जनसभा के दौरान कथित तौर पर कहा था, ‘‘वह (मुख्यमंत्री विजय) कहते हैं कि विधानसभा कक्ष को बंद कर देंगे। अगर इसे बंद किया गया, तो आपकी (विजय की) हड्डियां सलामत नहीं रहेंगी। आपको तभी जाने दिया जाएगा जब आपकी हड्डियां तोड़ दी जाएंगी।’’
भाषा सुभाष सुरेश
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