नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने रेखा गुप्ता सरकार पर सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया और बीते डेढ़ साल में घोषित सभी जल, सीवर और एसटीपी परियोजनाओं पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ नरेश कुमार ने कहा कि पूरी दिल्ली जलमग्न है, लेकिन सरकार सीवर और एसटीपी के नाम पर लगातार नई घोषणाएं कर जनता को भ्रमित कर रही है।
उन्होंने मांग की कि पिछले डेढ़ साल में घोषित सभी जल, सीवर और एसटीपी परियोजनाओं पर सरकार श्वेत पत्र जारी करे, ताकि जनता के सामने योजनाओं की लागत, प्रगति और खर्च का पूरा ब्यौरा आ सके।
कुमार ने कहा कि दिल्लीवासियों को घोषणाएं नहीं, जलभराव से स्थायी राहत चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा, “फरवरी 2026 में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक के जल और सीवर परियोजना शुरू करने की घोषणा हुई। मई 2026 में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की यमुना, सीवर और जल निकासी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें 12 नए विकेंद्रीकृत एसटीपी भी शामिल थे। इसके बाद जून 2026 में करावल नगर के लिए 138 करोड़ रुपये के सीवर परियोजना की घोषणा की गई।”
उन्होंने सवाल किया कि पिछले डेढ़ साल से सीवर और एसटीपी के नाम पर करोड़ों रुपये की योजनाओं की घोषणाएं होने के बावजूद दिल्ली आज भी जलभराव की समस्या से क्यों जूझ रही है।
कुमार ने कहा कि शहरी हो या ग्रामीण दिल्ली, अधिकृत हो या अनधिकृत कॉलोनी, हर जगह जलभराव दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली की सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 28 नए विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) बनाने की करीब 2,990 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के ‘वर्क ऑर्डर’ जारी कर काम शुरू हो चुका है।
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